ताज़ा खबर
अमिताभ बच्चन की बिगड़ी सेहत: ‘केबीसी 18’ की शूटिंग से लिया अस्थाई ब्रेक, जानें कब करेंगे सेट पर वापसी शंख बजाने का महत्व: पूजा में शंख क्यों बजाते हैं, दक्षिणावर्ती और वामावर्ती शंख का फर्क, रखने और साफ करने के नियम कल का मौसम 9 नवंबर 2026: दिल्ली में 28°C, लखनऊ, पटना, मुंबई समेत 18 शहरों का पूर्वानुमान पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कटौती के फैसले का केंद्रीय मंत्रियों ने किया स्वागत, हरदीप पूरी और निर्मला सीतारमण ने पीएम मोदी की सराहना की Handwashing the Right Way: WHO Steps, When to Wash and Why It Prevents Illness Nothing अगले महीने लॉन्च करेगा अपना पहला AI Native हार्डवेयर उत्पाद, CEO ने कहा नहीं होगी नई स्क्रीन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना: 22 जनवरी 2015 को शुरुआत, मकसद क्या है और क्या इसमें बेटियों को नकद पैसा मिलता है दिल्ली लाडली योजना: बेटियों के नाम जमा होने वाली राशि, पात्रता, आवेदन, दस्तावेज और परिपक्वता पर भुगतान
ट्रेंडिंग
आपका पैसा

केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे की 7 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, हाई डेंसिटी कॉरिडोर बनेंगे चार लेन

Railway Infrastructure Expansion
Railway Infrastructure Expansion

सारांश

  • Railway Infrastructure Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।
  • इन सात रूटों पर रेल ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा केंद्रित है। भविष्य में यात्री और माल दोनों बढ़ेंगे।
  • मुंबई-हावड़ा रूट पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा के बीच 367 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बनेगी।
  • सरकार व्यस्त गलियारों पर पटरियां बढ़ाकर भीड़ कम करना चाहती है।

Railway Infrastructure Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार देश के 11,000 किलोमीटर लंबे हाई डेंसिटी नेटवर्क में सात प्रमुख कॉरिडोर ऐसे हैं जिन पर भारतीय रेल का करीब 40 प्रतिशत ट्रैफिक चलता है।

बढ़ते यातायात को देखते हुए इन सातों को चार लेन यानी क्वाड्रुपल ट्रैक बनाने की योजना है। इनमें दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता, कोलकाता-दिल्ली तथा दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-कोलकाता और दिल्ली-गुवाहाटी रूट शामिल हैं। पूरे नेटवर्क में लगभग 2,000 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है। 5,000 किलोमीटर पर काम चल रहा है या मंजूरी मिल चुकी है।

शेष 4,000 किलोमीटर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बन रही है। कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपये लागत के तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट भी मंजूर किए हैं जिन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ये 656 किलोमीटर लंबे हैं और पांच राज्यों के 14 जिलों को कवर करेंगे।

Railway Infrastructure Expansion: हाई डेंसिटी कॉरिडोर क्यों चुने गए

इन सात रूटों पर रेल ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा केंद्रित है। भविष्य में यात्री और माल दोनों बढ़ेंगे। दोहरी या तिहरी पटरी दबाव संभालने में कम पड़ सकती है। चार लेन बनाने से ट्रेनों के गुजरने की क्षमता बढ़ेगी। व्यस्त गलियारों पर यही सबसे बड़ा अड़चन का हल माना गया।

कौन-कौन से रूट शामिल हैं

दिल्ली से मुंबई और मुंबई से चेन्नई जैसे पश्चिमी-दक्षिणी गलियारे सूची में हैं। चेन्नई-कोलकाता और कोलकाता-दिल्ली पूर्वी संपर्क जोड़ते हैं। दिल्ली-चेन्नई व मुंबई-कोलकाता तिरछे कॉरिडोर हैं। दिल्ली-गुवाहाटी पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी का हिस्सा है। ये सभी देश के व्यस्ततम मार्ग माने जाते हैं।

काम कितना पूरा और कितना बाकी

करीब 2,000 किलोमीटर खंड पहले ही तैयार बताए गए हैं। 5,000 किलोमीटर पर निर्माण चल रहा है या स्वीकृति मिल चुकी है। बाकी 4,000 किलोमीटर के लिए डीपीआर तैयार हो रही है। तीन चरणों वाला यह बंटवारा लंबी योजना को व्यावहारिक बनाता है। पूरा नेटवर्क 11,000 किलोमीटर का है।

Railway Infrastructure Expansion: तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट की लागत

कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपये के तीन प्रोजेक्ट मंजूर किए। लक्ष्य 2029-30 तक पूरा करने का है। कुल लंबाई 656 किलोमीटर है। पांच राज्यों के 14 जिले इससे जुड़ेंगे। ये स्वीकृतियां बड़े कॉरिडोर अभियान के साथ तात्कालिक निर्माण को आगे बढ़ाती हैं।

खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन

मुंबई-हावड़ा रूट पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा के बीच 367 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बनेगी। इसकी लागत 6,528 करोड़ रुपये बताई गई है। यह खंड पूर्वी माल और यात्री दबाव दोनों संभालता है। चौथी पटरी से क्रॉसिंग और इंतजार घटने की उम्मीद है।

Railway Infrastructure Expansion: अरकुनम-रेनिगुन्टा और बिलासपुर-कटनी

अरकुनम से रेनिगुन्टा के बीच 77 किलोमीटर पर तीसरी व चौथी लाइन 1,936 करोड़ रुपये से बनेगी। बिलासपुर-कटनी रूट को भी चार लेन करने की स्वीकृति मिली है। दक्षिणी और मध्य भारत के व्यस्त हिस्से इससे जुड़ेंगे। तीनों प्रोजेक्ट अलग-अलग क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाएंगे।

यात्रियों और गांवों को क्या फायदा

नई लाइनों से 4,790 गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी। लगभग 56 लाख अतिरिक्त यात्री सुविधाजनक सफर कर सकेंगे। मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ने से सालाना 27 मीट्रिक टन अतिरिक्त कार्गो ढुलाई संभव बताई गई है। लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा।

Railway Infrastructure Expansion: आधुनिकीकरण का व्यापक उद्देश्य

सरकार व्यस्त गलियारों पर पटरियां बढ़ाकर भीड़ कम करना चाहती है। 40 प्रतिशत ट्रैफिक इन्हीं सात कॉरिडोर पर है इसलिए प्राथमिकता यहीं दी गई। मल्टीट्रैकिंग से संचालन में लचीलापन आएगा। 2029-30 का लक्ष्य मंजूर प्रोजेक्टों को समयबद्ध रखता है। रिपोर्ट बाकी खंडों के लिए अगला कदम तय करेगी।

केंद्रीय कैबिनेट ने 11,000 किलोमीटर हाई डेंसिटी नेटवर्क के सात प्रमुख कॉरिडोर को क्वाड्रुपल ट्रैक बनाने की दिशा में बड़ी मंजूरी दी है। इन रूटों पर रेलवे का करीब 40 प्रतिशत यातायात चलता है।

दिल्ली-मुंबई से दिल्ली-गुवाहाटी तक के गलियारे शामिल हैं। दो हजार किलोमीटर काम पूरा, पांच हजार पर प्रगति और चार हजार की रिपोर्ट तैयार हो रही है। साथ में 10,783 करोड़ रुपये के तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट 2029-30 तक पूरे करने हैं जिनमें खड़गपुर-झारसुगुड़ा की 367 किलोमीटर चौथी लाइन प्रमुख है।

4,790 गांव, 56 लाख अतिरिक्त यात्री और 27 मीट्रिक टन अधिक कार्गो का अनुमान लगाया गया है। व्यस्त कॉरिडोर पर पटरी बढ़ाने का यह फैसला क्षमता और कनेक्टिविटी दोनों बढ़ाने की कोशिश है।

आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: भारतीय रेल

स्रोत: भारतीय रेल (indianrailways.gov.in)

यह भी पढ़ें

लेखक

Adarsh Pandey

आदर्श पांडेय डेमोक्रेटिक भारत लाइव में न्यूज़ राइटर हैं। वे देश की ताजा खबरें, आपका पैसा (कारोबार), मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े विषय कवर करते हैं। डिजिटल मीडिया में उन्हें एक साल से अधिक का अनुभव है।

टिप्पणियां (6)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X