NEET UG Counselling 2026NEET UG Counselling 2026

NEET UG Counselling 2026: देश भर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। इस वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया का पहला चरण 5 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है।

जिन अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके साथ ही काउंसलिंग की निष्पक्षता और सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सीट अलॉटमेंट, सीट अपग्रेडेशन और रेजिग्नेशन से जुड़े नियमों में अभूतपूर्व बदलाव किए गए हैं।

NEET UG Counselling 2026 का पूरा कार्यक्रम

एमसीसी द्वारा घोषित समय सारणी के अनुसार प्रथम चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया अगस्त के प्रथम सप्ताह से शुरू होकर तीसरे सप्ताह तक संचालित होगी। ऑनलाइन पंजीकरण की खिड़की 5 अगस्त 2026 से खुलेगी, जो 12 अगस्त 2026 को दोपहर 3:00 बजे तक सक्रिय रहेगी। इस दौरान अभ्यर्थियों को अपनी प्राथमिकताएं भरने और उन्हें लॉक करने का अवसर मिलेगा। च्वॉइस फिलिंग और लॉकिंग की सुविधा 6 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराई जाएगी।

प्राप्त आवेदनों और मेरिट के आधार पर सीट आवंटन का परिणाम 17 अगस्त 2026 को घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों को राउंड-1 में सीटें आवंटित होंगी, उन्हें 18 अगस्त से 22 अगस्त 2026 के बीच संबंधित संस्थानों में रिपोर्टिंग करनी होगी।

सीट अपग्रेड और छोड़ने की प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

इस वर्ष नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव सीट अपग्रेडेशन और सीट छोड़ने के नियमों में किया गया है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में जाकर शारीरिक रूप से उपस्थित होने यानी फिजिकल रिपोर्टिंग के झंझट को समाप्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी छात्र को प्रथम चरण में कोई सीट आवंटित होती है और वह अगले चरण में बेहतर कॉलेज का विकल्प चुनना चाहता है, तो उसे उस आवंटित कॉलेज में जाकर रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी।

एमसीसी के ऑनलाइन पोर्टल पर उसकी आवंटित सीट पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और वह सीधे अगले चरण की काउंसलिंग में भाग ले सकेगा। इसके अलावा सीट छोड़ने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से डिजिटल बना दिया गया है।

एनआरआई कोटा और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार

डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एनआरआई कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। पूर्व की भांति अब छात्रों को कठिन और लंबी कागजी कार्यवाही से नहीं गुजरना पड़ेगा। एमसीसी ने दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को एकीकृत और सुव्यवस्थित कर दिया है, जिससे एनआरआई सीटों पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का समय और श्रम दोनों बचेगा। काउंसलिंग प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए एमसीसी ने राज्यों के चिकित्सा शिक्षा विभागों और नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन किया है, ताकि तकनीकी व्यवधानों को शून्य किया जा सके।

नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया में किए गए ये आधुनिक बदलाव मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता लाने और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों की यात्रा संबंधी दिक्कतों को दूर करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। ऑनलाइन रिपोर्टिंग और अपग्रेडेशन की व्यवस्था से अभ्यर्थियों को बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के पारदर्शी तरीके से अपनी मनपसंद सीट चुनने का अवसर मिलेगा।

काउंसलिंग में भाग लेने वाले सभी परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित तिथियों का विशेष ध्यान रखें, समय पर च्वॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण करें और केवल आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए दिशानिर्देशों का ही पालन करें। सही समय पर सही निर्णय और आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता से छात्र आसानी से अपने सपनों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल कर सकते हैं।

 

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