नवग्रह बीज मंत्र

ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों को शांत करने तथा उनके शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए संबंधित बीज मंत्रों का जाप किया जाता है। नीचे नवग्रहों के बीज मंत्र दिए गए हैं।

  • सूर्य: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
  • चंद्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः
  • मंगल: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
  • बुध: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
  • गुरु (बृहस्पति): ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
  • शुक्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
  • शनि: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
  • राहु: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
  • केतु: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

जाप विधि एवं समय

जिस ग्रह की शांति करनी हो, उसके दिन (जैसे शनि के लिए शनिवार, सूर्य के लिए रविवार) संबंधित बीज मंत्र की एक माला (108 बार) जाप करें। इससे पूर्व स्नान करके स्वच्छ आसन ग्रहण करें।

लाभ

ग्रह दोष शांत होते हैं, जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं तथा संबंधित ग्रह का शुभ प्रभाव बढ़ता है।

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