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Indian Vessel Attacked in Red Sea: लाल सागर में भारतीय झंडे वाले जहाज पर बड़ा हमला, डूब गया क्रू वेसल, 13 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू

Indian Vessel Attacked in Red Sea
Indian Vessel Attacked in Red Sea

सारांश

  • Indian Vessel Attacked in Red Sea: लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर बेहद संवेदनशील स्थिति में पहुंच गई है।
  • विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे हालात पर बारीकी से अपनी नजर रख रहा है।
  • अनादोलु न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यमन सरकार समर्थित 'नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज' ने बताया कि हमला अल-हुदैदाह के दक्षिण में 13 नॉटिकल मील की दूरी पर हुआ।
  • यह विशेष बल यमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और समुद्री मार्गों की निगरानी का काम देखता है।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर बेहद संवेदनशील स्थिति में पहुंच गई है। यमन तट के पास भारतीय झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज एमएसवी फैज नूर ओलिया पर अचानक भयावह हमला हुआ है। इस हमले के बाद जहाज समुद्र में पूरी तरह डूब गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विदेश मंत्रालय ने इस गंभीर घटना की कड़ी निंदा करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को यमनी अधिकारियों की मदद से समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया है।

इस जहाज पर कुल 14 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमन का नागरिक शामिल था। भारत सरकार इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। यमन में सक्रिय नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज और कोस्ट गार्ड के संयुक्त प्रयासों से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: यमन तट के पास हुआ भीषण हादसा

यमन के पश्चिमी तट के पास 4 अगस्त 2026 को यह बड़ा समुद्री हादसा देखने को मिला। भारतीय झंडे के साथ जा रहा व्यापारिक जहाज एमएसवी फैज नूर ओलिया अचानक हमले का शिकार हो गया।

हमले के तुरंत बाद जहाज तेजी से जलमग्न होने लगा। इस दौरान जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन आपातकालीन सूचना तुरंत भेजी गई।

विदेश मंत्रालय ने जारी किया कड़ा बयान

घटना सामने आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत बयान जारी कर इस हमले की सख्त लहजे में निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर ऐसे हमले स्वीकार्य नहीं हैं।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे हालात पर बारीकी से अपनी नजर रख रहा है। दूतावास लगातार यमनी प्रशासन के संपर्क में है।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: यमनी अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय दूतावास ने यमनी अधिकारियों के साथ त्वरित तालमेल बिठाया। सही समय पर की गई इस कार्रवाई से सभी की जान बच सकी।

भारत सरकार ने संकट की इस घड़ी में त्वरित सहायता देने और बचाव अभियान चलाने के लिए यमन के स्थानीय अधिकारियों और तटरक्षक बलों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा पर जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में लाल सागर के इलाके में कमर्शियल जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों को लेकर गहरा तनाव और चिंता जाहिर की है।

भारत ने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत मुक्त समुद्री आवाजाही बहाल होनी जरूरी है।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: रेस्क्यू ऑपरेशन से बची सभी 14 जिंदगियां

अनादोलु न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यमन सरकार समर्थित ‘नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज’ ने बताया कि हमला अल-हुदैदाह के दक्षिण में 13 नॉटिकल मील की दूरी पर हुआ।

हमले के तुरंत बाद यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घायलों को तुरंत उपलब्ध कराई गई मेडिकल मदद

सुरक्षित रेस्क्यू किए गए 13 भारतीय और 1 यमनी नागरिक को तुरंत सुरक्षित तट पर लाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने उन्हें आवश्यक मेडिकल सुविधा दी।

राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सभी नाविक अब सुरक्षित हैं।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में तैनात सुरक्षा बल

यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख सदस्य तारेक सालेह के नेतृत्व वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज इस इलाके में सक्रिय है। वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास तैनात हैं।

यह विशेष बल यमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और समुद्री मार्गों की निगरानी का काम देखता है। इसी टीम ने बचाव कार्य की कमान संभाली थी।

लाल सागर में तनाव का पुराना इतिहास

लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट विश्व व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हाल के दिनों में इस इलाके में व्यापारिक जहाजों पर हमले काफी बढ़ गए हैं।

इससे पहले 20 जुलाई को हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान किया था। इसके जवाब में रियाद ने भी किसी भी दुस्साहस का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

Indian Vessel Attacked in Red Sea: व्यापारिक जहाजों के लिए लाइफलाइन है यह रूट

बाब अल-मंदेब स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की दृष्टि से बेहद संवेदनशील और मुख्य मार्ग है। यह जलमार्ग लाल सागर को सीधे अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।

एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच होने वाले वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इस मार्ग पर अशांति का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है।

भारतीय झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर हुआ यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद गंभीर चेतावनी है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय की त्वरित कूटनीतिक पहल और यमनी सुरक्षा बलों के समय पर किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की बदौलत सभी 13 भारतीय नाविकों को सकुशल बचा लिया गया है, जो एक राहत भरा पहलू है। इसके बावजूद, लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में लगातार बढ़ रहा तनाव चिंताजनक है। यदि इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर जहाजों की मुक्त और सुरक्षित आवाजाही जल्द बहाल नहीं की गई, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ना तय है।

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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