परिचय

नवरात्रि के दसवें दिन (विजयदशमी/दशहरा) माता दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

विजयदशमी के दिन संध्याकाल विसर्जन के लिए शुभ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • दुर्गा प्रतिमा
  • सिंदूर (सिंदूर खेला हेतु)
  • लाल चुनरी
  • मिठाई

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. विसर्जन से पहले अंतिम आरती करें।
  2. सुहागिन महिलाएं माता को सिंदूर अर्पित करती हैं (सिंदूर खेला)।
  3. क्षमा-प्रार्थना करके प्रतिमा को विसर्जित करें।
  4. ‘दुर्गा माता की जय’ का जयकारा लगाएं।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥

लाभ एवं महत्व

शक्ति की कृपा वर्षभर बनी रहती है, बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक यह पर्व मनाया जाता है।

सावधानियां

इको-फ्रेंडली प्रतिमा का प्रयोग करें, विसर्जन स्थल पर सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखें।

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