संक्षेप में: डिजिलॉकर भारत सरकार की डिजिटल दस्तावेज सेवा है, जहां ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन RC, बोर्ड की मार्कशीट, आधार और कई अन्य दस्तावेज सीधे जारी करने वाली संस्था से डिजिटल रूप में मिलते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत डिजिलॉकर में जारी दस्तावेज मूल दस्तावेज के बराबर मान्य हैं। यहां जानिए खाता बनाने और दस्तावेज डाउनलोड करने का तरीका।
डिजिलॉकर क्या है
यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की डिजिटल इंडिया पहल के तहत चलने वाली सेवा है। इसमें दो तरह के दस्तावेज होते हैं। पहले, “इश्यूड डॉक्यूमेंट्स”, जो सरकारी विभाग, बोर्ड या विश्वविद्यालय सीधे आपके खाते में भेजते हैं। दूसरे, “अपलोडेड डॉक्यूमेंट्स”, जिन्हें आप खुद स्कैन करके रखते हैं। कानूनी मान्यता केवल इश्यूड डॉक्यूमेंट्स को है, क्योंकि वे जारी करने वाली संस्था से सीधे आते हैं।

डिजिलॉकर खाता कैसे बनाएं
- digilocker.gov.in पर जाएं या DigiLocker ऐप डाउनलोड करें। यह सेवा UMANG ऐप में भी है।
- “Sign Up” पर नाम, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर और आधार नंबर डालें।
- मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करें और छह अंकों का सुरक्षा PIN बनाएं।
- आधार से जुड़ने के बाद कई दस्तावेज अपने आप दिखने लगते हैं।
दस्तावेज कैसे पाएं और डाउनलोड करें
लॉगिन करने के बाद “Search Documents” में विभाग या दस्तावेज का नाम खोजें, जैसे राज्य परिवहन विभाग, CBSE या आयकर विभाग। मांगी गई जानकारी, जैसे लाइसेंस नंबर या रोल नंबर, भरें। दस्तावेज “Issued Documents” में आ जाएगा, जहां से उसे PDF में डाउनलोड या साझा किया जा सकता है। बोर्ड की मार्कशीट पाने के तरीके पर हमारी बिहार बोर्ड मार्कशीट गाइड देखें।
डिजिलॉकर में कौन से दस्तावेज मिलते हैं
- ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
- CBSE और कई राज्य बोर्डों की मार्कशीट व प्रमाणपत्र
- आधार, PAN सत्यापन रिकॉर्ड और कई राज्यों के जाति, आय व निवास प्रमाणपत्र
- बीमा पॉलिसी और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ रिकॉर्ड
सड़क परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्लेटफॉर्म या mParivahan में रखे ड्राइविंग लाइसेंस और RC जांच के दौरान मान्य हैं। उपलब्ध दस्तावेज राज्य और विभाग के हिसाब से अलग हो सकते हैं। उच्च शिक्षा के प्रमाणपत्रों के लिए इससे नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) भी जुड़ी है, जहां कई विश्वविद्यालय डिग्री और मार्कशीट जारी करते हैं।
सुरक्षा और सावधानियां
- डिजिलॉकर का PIN और OTP किसी को न बताएं।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करें। मिलते-जुलते नाम वाले ऐप से बचें।
- दस्तावेज साझा करते समय देख लें कि आप किसे और कितने समय के लिए अनुमति दे रहे हैं।
- दस्तावेज में गलती हो तो इस प्लेटफॉर्म से नहीं, जारी करने वाली संस्था से सुधार कराएं, जैसे आधार के लिए हमारी आधार अपडेट गाइड देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या डिजिलॉकर के दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं?
हां, सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत डिजिलॉकर में जारी (इश्यूड) दस्तावेज मूल दस्तावेज के बराबर मान्य हैं।
क्या डिजिलॉकर इस्तेमाल करने की कोई फीस है?
नहीं, नागरिकों के लिए खाता बनाना और दस्तावेज डाउनलोड करना मुफ्त है।
मोबाइल नंबर बदल जाए तो क्या करें?
पुराने नंबर से लॉगिन कर प्रोफाइल में नंबर बदलें। लॉगिन न हो सके तो आधार आधारित सत्यापन से खाता वापस पाया जा सकता है।
स्रोत: डिजिलॉकर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





