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Delhi Government: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगी जेईई-नीट की मुफ्त आवासीय कोचिंग; रहना-खाना भी निशुल्क

Delhi Government: दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगी जेईई-नीट की मुफ्त आवासीय कोचिंग; रहना-खाना भी निशुल्क

सारांश

  • Delhi Government: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य को तराशने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना का आगाज किया है।
  • इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने के लिए शिक्षा निदेशालय ने कुछ पारदर्शी और अनिवार्य शर्तें निर्धारित की हैं।
  • चयन प्रक्रिया का सबसे मुख्य पड़ाव 'ज्वाइंट दक्षणा सिलेक्शन टेस्ट' (JDST) होगा, जो दिसंबर 2026 में आयोजित किया जाएगा।
  • शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों को एक मेंटर के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया है।

Delhi Government: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य को तराशने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना का आगाज किया है। सरकार ने कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों के लिए जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की एक वर्ष की पूरी तरह निशुल्क आवासीय कोचिंग का प्रावधान किया है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को महाराष्ट्र के पुणे स्थित सुप्रसिद्ध ‘दक्षणा फाउंडेशन’ के रेसिडेंशियल कैंपस में रहकर उच्च स्तरीय कोचिंग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छात्रों के रहने, खाने, अध्ययन सामग्री और व्यक्तिगत मार्गदर्शन से जुड़े सभी खर्च दिल्ली सरकार और संस्था द्वारा मिलकर वहन किए जाएंगे, जिससे निर्धन परिवारों के बच्चों के लिए भी देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के दरवाजे खुलेंगे।

Delhi Government: दक्षणा फाउंडेशन की विशेषज्ञता और विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड

दक्षणा फाउंडेशन देश की एक प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संस्था है जो बीते कई वर्षों से पूरे भारत में सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से विपन्न परंतु मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान कर रही है। संस्था का सफलता दर (Success Rate) देश में सर्वाधिक मानी जाती है और इसके प्रशिक्षित सैकड़ों छात्र आज देश के प्रमुख आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs), एम्स (AIIMS) और केंद्र/राज्य स्तरीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। दिल्ली सरकार और दक्षणा फाउंडेशन के इस संयुक्त प्रयास का सीधा उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों की महंगी और आर्थिक रूप से पहुंच से बाहर हो चुकी व्यवस्था को चुनौती देना है। अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बिना किसी आर्थिक मानसिक दबाव के देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शीर्ष रैंक हासिल करने का सपना पूरा कर सकेंगे।

आवेदन हेतु निर्धारित पात्रता और शैक्षणिक मानदंड

इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने के लिए शिक्षा निदेशालय ने कुछ पारदर्शी और अनिवार्य शर्तें निर्धारित की हैं। योजना का लाभ उठाने वाले विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग (Physics, Chemistry, Math/Biology) में नामांकित होना आवश्यक है। केवल दिल्ली के सरकारी या राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले नियमित छात्र ही इसके लिए पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी के भीतर इंजीनियरिंग या मेडिकल के क्षेत्र में जाने की तीव्र इच्छा होनी चाहिए तथा उन्हें दक्षणा फाउंडेशन द्वारा तय किए गए न्यूनतम शैक्षणिक कटऑफ और दिशानिर्देशों को पूरा करना होगा। राज्य सरकार ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा 12 के विज्ञान संकाय के हर पात्र छात्र तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

सात चरणों वाली पारदर्शी चयन प्रक्रिया और मोबाइल-आधारित परीक्षा

योजना के अंतर्गत योग्यतम प्रतिभाओं को चुनने के लिए सात चरणों में विभाजित एक बेहद पारदर्शी और तकनीक-आधारित चयन प्रक्रिया तैयार की गई है। प्रथम चरण में विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा, जिसके बाद दक्षणा फाउंडेशन पूर्व निर्धारित अंकों के आधार पर उम्मीदवारों की पहली शॉर्टलिस्ट जारी करेगा। शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को ‘दक्षणा स्कॉलर एप्लीकेशन’ फॉर्म भरना होगा। इसके उपरांत, अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा की प्रणाली और इंटरफेस से परिचित कराने के लिए मॉक टेस्ट देना अनिवार्य होगा।

चयन प्रक्रिया का सबसे मुख्य पड़ाव ‘ज्वाइंट दक्षणा सिलेक्शन टेस्ट’ (JDST) होगा, जो दिसंबर 2026 में आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थी इसे सीधे अपने या अपने अभिभावक के मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन मोड में दे सकेंगे। जेडीएसटी (JDST) में प्राप्त अंकों और मेरिट के आधार पर सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू (साक्षात्कार) और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित विद्यार्थियों को पुणे स्थित रेसिडेंशियल कैंपस में एक वर्ष की मुफ्त कोचिंग के लिए भेजा जाएगा।

निजी कोचिंग के एकाधिकार पर चोट और सामाजिक समानता की दिशा में कदम

वर्तमान समय में नीट और जेईई की तैयारी कराने वाले निजी कोचिंग संस्थानों की फीस एक से दो लाख रुपये सालाना तक पहुंच चुकी है, जिसके ऊपर से हॉस्टल और भोजन का खर्च अलग होता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले प्रतिभाशाली बच्चे चाहकर भी प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाते थे। दिल्ली सरकार की यह मुफ्त आवासीय योजना इस सामाजिक व आर्थिक विषमता को दूर करने में क्रांतिकारी साबित होगी। घर की चिंताओं और वित्तीय तंगी से दूर रहकर पुणे के शांत व अनुशासित माहौल में एक वर्ष तक पढ़ाई करने से छात्रों का आत्मविश्वास और ध्यान कई गुना बढ़ जाएगा। यह कदम न केवल सरकारी स्कूलों की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा, बल्कि अभिभावकों के भरोसे को भी नया बल देगा।

Delhi Government: स्कूलों की भूमिका और भावी दिशा

शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों को एक मेंटर के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे फॉर्म भरने से लेकर मॉक टेस्ट दिलाने और जेडीएसटी परीक्षा के दिन तक छात्रों का सही मार्गदर्शन करें। अंतिम रूप से चुने गए छात्र न केवल अपने परिवारों का जीवन स्तर सुधारेंगे, बल्कि अपने साथी विद्यार्थियों के लिए भी एक रोल मॉडल और प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

संक्षेप में कहें तो, दिल्ली सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में समानता और अवसर उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट मॉडल है। पुणे के दक्षणा फाउंडेशन कैंपस में मिलने वाली एक वर्ष की गहन, अनुशासित और निशुल्क तैयारी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के सैकड़ों होनहारों को देश के शीर्ष इंजीनियर और डॉक्टर बनाने की राह आसान करेगी, जिससे देश के मानव संसाधन और आर्थिक विकास को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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