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Best Water Bottle For Kids: स्टील, कांच या कॉपर? जानिए बच्चे के स्कूल के लिए कौन-सी पानी की बोतल है सबसे बेस्ट

Best Water Bottle For Kids
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सारांश

  • Best Water Bottle For Kids: बच्चों के स्कूल और कोचिंग शुरू होने के साथ ही पेरेंट्स की भागदौड़ भी बढ़ जाती है, जिसमें टिफिन और पानी की बोतल चुनना एक अहम काम होता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्टील की पानी की बोतल सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
  • दूसरी तरफ, तांबे यानी कॉपर की बोतलों को लेकर यह ध्यान रखना जरूरी है कि इनमें रखा पानी कई बार बहुत अधिक गर्म हो जाता है।
  • माता-पिता को बच्चों के लिए पानी की बोतल खरीदते वक्त केवल उसके बाहरी डिजाइन या रंग-रूप पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि उसकी अंदरूनी गुणवत्ता और मटेरियल को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Best Water Bottle For Kids: बच्चों के स्कूल और कोचिंग शुरू होने के साथ ही पेरेंट्स की भागदौड़ भी बढ़ जाती है, जिसमें टिफिन और पानी की बोतल चुनना एक अहम काम होता है। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए पानी की सही बोतल का चुनाव करना सीधे तौर पर उनकी सेहत से जुड़ा होता है क्योंकि गलत मटेरियल की बोतल से उन्हें पेट दर्द या इंफेक्शन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

बाजार में स्टील, कांच, कॉपर और प्लास्टिक जैसी कई तरह की पानी की बोतलें उपलब्ध हैं, जिन्हें देखकर अक्सर अभिभावक असमंजस में पड़ जाते हैं। बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाल ही में जाने-माने पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक ने बच्चों के लिए पानी की बोतलों के सही चुनाव को लेकर जरूरी और अहम जानकारियां साझा की हैं। उनके मुताबिक बाजार में मिलने वाले हर विकल्प बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं होते हैं, इसलिए पेरेंट्स को खरीदारी करते वक्त बेहद सतर्क रहने की जरूरत है ताकि बच्चों को बीमारियों से बचाया जा सके।

बच्चों की नाजुक सेहत को देखते हुए यह समझना जरूरी हो जाता है कि कौन-सा मटेरियल उनके रोजाना इस्तेमाल के लिए सबसे उपयुक्त है। स्कूल के बस्ते में रखी जाने वाली पानी की बोतल ऐसी होनी चाहिए जो न केवल टिकाऊ हो बल्कि साफ-सफाई के लिहाज से भी पूरी तरह सुरक्षित हो। कई बार बच्चे खेलकूद के दौरान बोतल गिरा देते हैं, जिससे उसके टूटने का खतरा रहता है या फिर सही से सफाई न होने पर उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।  ऐसे में यह जानना बेहद आवश्यक हो जाता है कि किस प्रकार की पानी की बोतल का इस्तेमाल बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और किन बोतलों से बच्चों को दूर रखना चाहिए।

Best Water Bottle For Kids: स्टील की पानी की बोतल है बच्चों के लिए सबसे अच्छा विकल्प

विशेषज्ञों के अनुसार स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्टील की पानी की बोतल सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प मानी जाती है। स्टील की बोतलों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि इन्हें बहुत आसानी से साफ किया जा सकता है और इनमें किसी प्रकार की दरारें नहीं पड़ती हैं। इसके अलावा बच्चे अगर इसे गलती से गिरा भी देते हैं, तो यह आसानी से टूटती नहीं है और लंबे समय तक चलती है। यही वजह है कि बच्चों के रोजाना इस्तेमाल के लिए इसे सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित माध्यम माना गया है।

स्टील की बोतल में पानी का स्वाद भी नहीं बदलता है और न ही इसमें किसी तरह के हानिकारक रसायन पानी में घुलते हैं। माता-पिता बिना किसी संकोच के अपने बच्चों को स्कूल या खेलकूद के दौरान स्टील की बोतल में पानी दे सकते हैं क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य को पूरी तरह सुरक्षित रखती है। साफ-सफाई आसान होने के कारण इसमें बैक्टीरिया या फंगस पनपने का खतरा भी न के बराबर होता है, जो बच्चों को पेट के संक्रमण से बचाता है।

कांच और कॉपर की बोतलों के इस्तेमाल से जुड़े जरूरी पहलू

कांच यानी ग्लास की पानी की बोतलें भी साफ-सफाई के मामले में काफी अच्छी मानी जाती हैं क्योंकि इनमें किसी तरह के केमिकल रिएक्शन का खतरा नहीं होता है। हालांकि, कांच की एक बड़ी समस्या यह है कि यह बहुत नाजुक होती है और बच्चों के हाथों से छूटकर आसानी से टूट सकती है। इसलिए छोटे बच्चों के स्कूल बैग में कांच की बोतल रखना खतरनाक साबित हो सकता है, हालांकि बड़े बच्चे सावधानी के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

दूसरी तरफ, तांबे यानी कॉपर की बोतलों को लेकर यह ध्यान रखना जरूरी है कि इनमें रखा पानी कई बार बहुत अधिक गर्म हो जाता है। इसके अलावा यदि कॉपर की बोतल में नींबू पानी या कोई अन्य खट्टी चीज डाली जाए, तो तांबा पानी में घुल सकता है, जिससे बच्चे को पेट दर्द, उल्टी या जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बच्चों के नियमित स्कूल उपयोग के लिए कॉपर की बोतल की तुलना में अन्य विकल्प ज्यादा व्यावहारिक माने जाते हैं।

प्लास्टिक की बोतलों से बच्चों की सेहत पर मंडराता है बड़ा खतरा

आजकल बाजार में रंग-बिरंगी प्लास्टिक की पानी की बोतलें आसानी से मिल जाती हैं और बच्चे इन्हें काफी पसंद भी करते हैं। लेकिन बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक की बोतलें बच्चों की सेहत के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। जब प्लास्टिक की बोतलें धूप या गर्म तापमान के संपर्क में आती हैं, तो उनमें से बीपीए यानी बिस्फेनॉल ए नामक हानिकारक केमिकल पानी में मिलने लगता है। यह केमिकल बच्चे के शरीर में पहुंचकर उनके हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है और आगे चलकर मोटापे जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है।

इसके अलावा प्लास्टिक की बोतलों में समय के साथ सूक्ष्म दरारें पड़ जाती हैं, जिन्हें साधारण तरीके से साफ करना मुमकिन नहीं होता है। इन दरारों में खतरनाक बैक्टीरिया और रोगाणु पनपने लगते हैं, जो पानी के जरिए बच्चे के पेट में पहुंचकर गंभीर इंफेक्शन फैला सकते हैं। बार-बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की बोतलें बच्चों के व्यवहार और विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं, इसलिए इनसे बच्चों को दूर रखना ही समझदारी है।

Best Water Bottle For Kids: बच्चों की सेहत के लिए पेरेंट्स को हमेशा रखनी चाहिए यह सावधानी

माता-पिता को बच्चों के लिए पानी की बोतल खरीदते वक्त केवल उसके बाहरी डिजाइन या रंग-रूप पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि उसकी अंदरूनी गुणवत्ता और मटेरियल को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि बच्चे के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए, तो अच्छी क्वालिटी की स्टील की बोतल या फिर बीपीए-फ्री प्लास्टिक और कांच के विकल्प ही सबसे बेहतर साबित होते हैं। बच्चों की इम्युनिटी बड़ों के मुकाबले कमजोर होती है, इसलिए उनके द्वारा रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली चीजों में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

पानी की बोतल चाहे कोई भी हो, उसकी नियमित रूप से साबुन और गर्म पानी से सफाई करना बेहद जरूरी होता है। कई बार बच्चे स्कूल से लौटने के बाद बोतल में बचा हुआ पानी वैसे ही छोड़ देते हैं, जिससे उसमें काई या बदबू पैदा होने लगती है। इसलिए अभिभावकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे रोज रात को बच्चे की पानी की बोतल को अच्छी तरह धोकर सुखाएं, ताकि अगले दिन बच्चा हमेशा ताजा और सुरक्षित पानी पी सके।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सीय सलाह नहीं है। किसी भी घरेलू उपाय, डाइट, दवा या उत्पाद को अपनाने से पहले, खासकर किसी बीमारी, एलर्जी, गर्भावस्था या दवा चलने की स्थिति में, योग्य डॉक्टर से सलाह लें। विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी के लिए देखें: ICMR-NIN आहार दिशानिर्देश | WHO: स्वस्थ आहार | ICMR

स्रोत: icmr.gov.in

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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