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Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: नौकरी जाने पर 3 महीने तक मिलेगी आधी सैलरी, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया 

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: नौकरी जाने पर 3 महीने तक मिलेगी आधी सैलरी, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया 
Atal Beemit Yojana 2026

सारांश

  • Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के मन में हमेशा अपनी आजीविका को लेकर एक अनिश्चितता बनी रहती है कि कब हालात बदल जाएं और नौकरी पर संकट आ…
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ स्पष्ट नियम और पात्रता शर्तें तय की गई हैं, जिनका पालन करना हर आवेदक के लिए अनिवार्य होता है।
  • पोर्टल पर पहुंचने के बाद वहां एबीवीकेवाई एलिजिबिलिटी का विकल्प दिखाई देता है, जिस पर क्लिक करके आगे बढ़ना होता है।
  • इन सामान्य दस्तावेजों के साथ-साथ बैंक खाते का पूरा विवरण देना भी अनिवार्य होता है ताकि राहत राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जा सके।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के मन में हमेशा अपनी आजीविका को लेकर एक अनिश्चितता बनी रहती है कि कब हालात बदल जाएं और नौकरी पर संकट आ जाए। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक बदलावों और अनिश्चितताओं के बीच अचानक नौकरी छूट जाने पर परिवार का खर्च चलाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कर्मचारियों की इस चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है, जो संकट के समय बड़ा संबल बनती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ईएसआईसी की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत यदि किसी कारणवश कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो उसे बेरोजगारी की अवधि के दौरान तीन महीने यानी नब्बे दिनों तक उसकी पिछली सैलरी का पचास प्रतिशत हिस्सा वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाता है। हाल ही में सरकार ने लोकसभा में इस योजना के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया है कि इस कल्याणकारी योजना को एक जुलाई 2026 से तीस जून 2027 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे देश के लाखों प्राइवेट कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस योजना के इतिहास और इसके उद्देश्यों पर नजर डालें तो इसे पहली बार ईएसआई अधिनियम 1948 की धारा दो के उपखंड नौ के अंतर्गत कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। शुरुआत में इसे एक जुलाई 2018 को प्रयोग के तौर पर दो साल के लिए लाया गया था, लेकिन कर्मचारियों के बीच इसकी उपयोगिता और सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए इसकी अवधि को लगातार आगे बढ़ाया जाता रहा है। शुरुआत में इस योजना के तहत केवल पच्चीस प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर पचास प्रतिशत कर दिया गया ताकि श्रमिकों को अधिक आर्थिक संबल मिल सके। श्रम और राज्य मंत्री द्वारा संसद में दिए गए बयानों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस योजना के क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को लगातार सरल और तेज बना रही है ताकि जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सके। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होती हैं और इसके लिए ऑनलाइन क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया क्या है।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ स्पष्ट नियम और पात्रता शर्तें तय की गई हैं, जिनका पालन करना हर आवेदक के लिए अनिवार्य होता है। सबसे पहली शर्त यह है कि नौकरी छूटने से पहले कर्मचारी कम से कम एक साल से लगातार उस नौकरी में कार्यरत होना चाहिए और ईएसआईसी के अंतर्गत विधिवत रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारी द्वारा ईएसआईसी के खाते में न्यूनतम अठहत्तर दिनों तक का अंशदान यानी कंट्रीब्यूशन जमा किया जाना जरूरी माना गया है। यदि कोई कर्मचारी इन सभी प्राथमिक शर्तों को पूरी तरह से पूरा करता है, तो वह इस योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते का दावा करने के लिए पूरी तरह पात्र बन जाता है।

पात्रता के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस कल्याणकारी योजना का लाभ वे अपने पूरे कामकाजी जीवन में केवल एक ही बार प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि एक बार इस योजना के तहत राहत राशि का दावा करने और उसका भुगतान प्राप्त करने के बाद भविष्य में दोबारा नौकरी छूटने पर इस सुविधा का लाभ नहीं लिया जा सकता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि सीमित संसाधनों के बीच अधिक से अधिक वास्तविक जरूरतमंद कर्मचारियों तक इस योजना का लाभ निष्पक्ष तरीके से पहुंचाया जा सके। आवेदन करने से पहले कर्मचारियों को अपनी नौकरी छूटने के कारणों और अन्य सभी वैधानिक दस्तावेजों की पूरी जांच कर लेनी चाहिए ताकि प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

योजना के तहत क्लेम करने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया

यदि किसी कर्मचारी की नौकरी छूटे हुए तीस दिन का समय बीत चुका है, तो वह इस योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते के लिए अपना क्लेम आसानी से दाखिल कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मी की आखिरी मूल सैलरी बीस हजार रुपये थी, तो उसे इस योजना के तहत अगले तीन महीनों तक हर महीने दस-दस हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सबसे पहले आवेदक को कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है और होमपेज पर दिए गए एंप्लॉयीज पोर्टल सेक्शन का चयन करना होता है।

पोर्टल पर पहुंचने के बाद वहां एबीवीकेवाई एलिजिबिलिटी का विकल्प दिखाई देता है, जिस पर क्लिक करके आगे बढ़ना होता है। इसके बाद आवेदक को अपना वैध इंश्योरेंस नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करके सबमिट करना होता है, जिसके बाद मोबाइल फोन पर एक ओटीपी प्राप्त होता है। उस ओटीपी को भरकर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद क्लेम फॉर्म ऑनलाइन सबमिट हो जाता है। विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच करने के बाद तयशुदा राहत राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिलती है।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची

किसी भी सरकारी योजना के तहत वित्तीय सहायता का दावा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण दस्तावेजों को पूरी तरह तैयार रखना होता है ताकि समय पर औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत क्लेम करने के लिए आवेदक के पास कुछ चुनिंदा और जरूरी कागजात होना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले नोटरी द्वारा सत्यापित एक शपथ पत्र यानी एफिडेविट की आवश्यकता होती है, जिसमें इस बात की पुष्टि की जाती है कि आवेदक वर्तमान में किसी अन्य स्थान पर रोजगार में नहीं है। इसके अलावा पहचान और पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड की कॉपी होना जरूरी है।

इन सामान्य दस्तावेजों के साथ-साथ बैंक खाते का पूरा विवरण देना भी अनिवार्य होता है ताकि राहत राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जा सके। इसके अतिरिक्त, कंपनी छोड़ने का आधिकारिक प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित कागजात भी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। इन सभी जरूरी दस्तावेजों और ऑनलाइन भरे गए क्लेम फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर उसे अपने नजदीकी ईएसआईसी ब्रांच ऑफिस या डीसीबीओ कार्यालय में जमा करना पड़ता है। यदि कोई चाहे तो इन दस्तावेजों को डाक के माध्यम से भी संबंधित कार्यालय में भेज सकता है, ताकि विभागीय प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana 2026: योजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सवाल और नियम

इस कल्याणकारी योजना को लेकर कर्मचारियों के मन में अक्सर कई तरह के सवाल और संशय बने रहते हैं, जिनका समाधान नियमों के दायरे में स्पष्ट किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि ईएसआईसी के तहत पंजीकृत कर्मचारियों की अधिकतम सैलरी की सीमा क्या तय की गई है। नियमों के अनुसार, ईएसआईसी के तहत रजिस्टर्ड कर्मचारी की मासिक सैलरी इक्कीस हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, हालांकि दिव्यांगता की स्थिति में यह सीमा पच्चीस हजार रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या इस योजना का सदस्य बनने के लिए कर्मचारियों को अलग से कोई फीस या प्रीमियम चुकाना पड़ता है।

इस संदर्भ में स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है कि कर्मचारियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए अलग से कोई भी अतिरिक्त प्रीमियम या शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती है। कर्मचारी के वेतन से नियमनुसार हर महीने शून्य दशमलव सात-पांच प्रतिशत हिस्सा ही काटा जाता है, जो सामाजिक सुरक्षा का हिस्सा होता है। यदि किसी श्रमिक की दैनिक मजदूरी एक सौ छिहत्तर रुपये से कम है, तो उसे यह अंशदान भी देने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस प्रकार बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के कर्मचारी इस योजना के पात्र बन जाते हैं और संकट के समय सरकार की ओर से मिलने वाली इस सहायता का पूरा लाभ उठाते हैं।

स्रोत: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)

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लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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