Petrol-Diesel Price 17 September 2026: देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने आज यानी 17 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई खुदरा दरें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति की दैनिक समीक्षा के बाद राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है। आज भी देश के प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अधिकांश राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं।

भारत में सरकारी तेल कंपनियों द्वारा रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों को संशोधित करने की व्यवस्था लागू है। हालांकि आधार मूल्य स्थिर रहने के बावजूद अलग-अलग राज्यों में लागू स्थानीय बिक्री कर या वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), सेस और माल ढुलाई खर्च के अंतर के कारण प्रत्येक राज्य और शहर में पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा दरें भिन्न दर्ज की जाती हैं।

Petrol-Diesel Price 17 September 2026: चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 17 सितंबर को पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। दिल्ली में स्थानीय करों की दर अन्य महानगरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम होने के कारण यहां ईंधन के दाम संतुलित नजर आते हैं।

देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में राज्य स्तरीय उच्च वैट दरों के चलते पेट्रोल का भाव 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर के भाव पर स्थिर है।

लखनऊ, नोएडा, गुरुग्राम और अन्य बड़े शहरों का हाल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल 101.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में पेट्रोल की दर 101.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत के अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो आईटी हब बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल का भाव 116.15 रुपये प्रति लीटर और डीजल 104.23 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है, जो देश के सबसे महंगे ईंधन बाजारों में शामिल है। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें राज्य सरकार के स्थानीय करों के कारण उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।

रोजाना सुबह 6 बजे क्यों तय होते हैं पेट्रोल और डीजल के भाव?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों की दैनिक समीक्षा (Dynamic Fuel Pricing) की व्यवस्था जून 2017 से लागू है। इससे पूर्व तेल कंपनियां प्रत्येक पखवाड़े यानी 15 दिनों के अंतराल पर कीमतों की समीक्षा करती थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का त्वरित समायोजन नहीं हो पाता था। दैनिक संशोधन व्यवस्था के तहत कंपनियां पिछले 15 दिनों के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और डॉलर-रुपया विनिमय दर का औसत निकालकर प्रतिदिन सुबह 6 बजे नए रेट लागू करती हैं।

इस पारदर्शी प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरते हैं, तो उसका लाभ तुरंत खुदरा उपभोक्ताओं तक पहुंचे और यदि दाम बढ़ते हैं, तो तेल कंपनियों पर घाटे का अत्यधिक बोझ न पड़े। हालांकि मुद्रास्फीति नियंत्रण और उपभोक्ता हित को ध्यान में रखते हुए सरकार और तेल कंपनियां कई बार वैश्विक उछाल के बावजूद घरेलू खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए रखती हैं।

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की चाल और घरेलू खुदरा मूल्य का गणित

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक प्लस (OPEC+) द्वारा उत्पादन में कटौती के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के आसपास पहुंच गई हैं। भारत अपनी कुल घरेलू कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में होने वाली वृद्धि सीधे तौर पर देश के आयात बिल और रिफाइनिंग लागत पर दबाव बनाती है।

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय खरीदारी अमेरिकी डॉलर में की जाती है। यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी आती है, तो तेल विपणन कंपनियों के लिए आयात की लागत और अधिक बढ़ जाती है। फिर भी खुदरा बाजार में तत्काल प्रभाव इसलिए नहीं दिखता क्योंकि तेल कंपनियां कीमतों में तात्कालिक उछाल को अपने बफर और मार्जिन के जरिए समायोजित करती हैं ताकि आम जनता पर महंगाई का अचानक झटका न लगे।

जीएसटी से बाहर होने के कारण राज्यों में अलग-अलग हैं ईंधन की दरें

पेट्रोल और डीजल वर्तमान में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे से बाहर हैं। जब पेट्रोल पंपों पर कोई उपभोक्ता एक लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदता है, तो उसके भुगतान में आधार मूल्य के अलावा केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty), राज्य सरकार का वैट (VAT), उपकर (Cess) और पेट्रोल पंप डीलर का कमीशन शामिल होता है।

केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क पूरे देश में एक समान रहता है, किंतु प्रत्येक राज्य सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार अलग-अलग प्रतिशत में वैट और उपकर वसूलती है। यही कारण है कि अंडमान-निकोबार या दिल्ली जैसे क्षेत्रों में जहां कर की दरें तुलनात्मक रूप से कम हैं, वहां पेट्रोल सस्ता मिलता है, जबकि महाराष्ट्र, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे उच्च वैट वाले राज्यों में पेट्रोल की कीमत 110 से 116 रुपये प्रति लीटर के पार चली जाती है।

Petrol-Diesel Price 17 September 2026: निष्कर्ष

17 सितंबर 2026 को देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का स्थिर रहना त्योहारों के आगमन से पहले आम वाहन चालकों, माल परिवहन संचालकों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक राहत भरा संकेत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहने के बावजूद घरेलू कंपनियों ने खुदरा दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी पेट्रोल पंप पर जाने से पहले तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप अथवा एसएमएस सेवा के माध्यम से अपने शहर के अद्यतन रेट अवश्य जांच लें।

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