Gold-Silver Price 1 September 2026: भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से जारी रिकॉर्ड तेजी के बाद सोना और चांदी की कीमतों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंजों पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की आशंकाओं के चलते बुलियन मार्केट में तेज बिकवाली का दबाव देखा गया।
इस गिरावट के बाद 1 सितंबर 2026 को घरेलू स्तर पर 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव फिसलकर औसतन 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया है, जबकि औद्योगिक और निवेश मांग से जुड़ी चांदी लुढ़ककर लगभग 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। शादी-ब्याह के आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस नरमी से आभूषण खरीदारों और दीर्घकालिक निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।

MCX और IBJA पर सोने में तेज गिरावट: ₹2,000 तक सस्ता हुआ 10 ग्राम गोल्ड

वायदा बाजार (MCX) पर 31 अगस्त के कारोबारी सत्र में सोने के अनुबंधों में लगभग 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का गोता देखा गया। इसके चलते घरेलू वायदा भाव 1.54 लाख से 1.56 लाख रुपये के दायरे में सीमित हो गए।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी राष्ट्रीय बेंचमार्क दरों के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने की दरें घटकर लगभग 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं। इसी अनुपात में आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयोग किए जाने वाले 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव भी टूटकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड पर बने बिकवाली के दबाव ने घरेलू खुदरा दरों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

चांदी के भाव में ₹3,000 से अधिक की गिरावट: ₹2.35 लाख प्रति किलो पर पहुंचे दाम

सोने की भांति ही चांदी की कीमतों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 3,000 रुपये से अधिक लुढ़ककर 2.35 लाख से 2.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में आ गया। हाजिर सर्राफा बाजार में भी औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से उठाव सुस्त रहने के कारण 1 किलोग्राम शुद्ध चांदी का भाव घटकर 2.35 लाख रुपये के आसपास दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में औद्योगिक मांग बने रहने के बावजूद मौजूदा वित्तीय अनिश्चितताओं के कारण शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की है, जिससे चांदी में यह करेक्शन आया है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में आज के ताजा भाव

देश के प्रमुख महानगरों में स्थानीय टैक्स, चुंगी और आभूषण निर्माताओं के मेकिंग चार्ज के आधार पर खुदरा भाव में हल्का अंतर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,000 से 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवराती सोना 1,43,000 से 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है, जबकि चांदी 2,35,000 से 2,38,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।
आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,55,000 से 1,57,000 रुपये और 22 कैरेट 1,42,000 से 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है, वहीं चांदी 2,35,000 से 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।
कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,55,500 से 1,57,500 रुपये और 22 कैरेट 1,42,500 से 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है तथा चांदी 2,36,000 से 2,39,000 रुपये प्रति किलो पर है।
चेन्नई में स्थानीय मांग के चलते 24 कैरेट सोना 1,56,500 से 1,58,500 रुपये और 22 कैरेट 1,43,500 से 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में है, जबकि चांदी 2,45,000 से 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना 1,55,800 से 1,57,800 रुपये और 22 कैरेट 1,42,800 से 1,44,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है, वहीं चांदी 2,40,000 से 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज की गई है। ध्यान रहे कि इन दरों पर 3 प्रतिशत जीएसटी, टीसीएस और संबंधित ज्वेलर का मेकिंग चार्ज अलग से देय होगा।

Gold-Silver Price 1 September 2026: क्यों आई अचानक भारी गिरावट? मुख्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण

बुलियन मार्केट में आई इस मंदी के पीछे प्रमुख वैश्विक आर्थिक कारक सक्रिय हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के आंकड़ों और डॉलर की मजबूती के चलते फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को झटका लगा है। जब ब्याज दरें ऊंची बनी रहने की संभावना होती है, तो बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है और निवेशक बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों (सोना-चांदी) से पूंजी निकालकर सरकारी प्रतिभूतियों व डॉलर में लगाते हैं।
इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली (Profit Booking) की गई। घरेलू बाजार में भी अधिक मूल्य होने के कारण खुदरा खरीदारों ने खरीदारी कुछ समय के लिए टाल दी थी, जिससे मांग में आई सुस्ती ने कीमतों को नीचे खींचने का काम किया।

Gold-Silver Price 1 September 2026: खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी परामर्श

सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च स्तर से आई यह गिरावट उन परिवारों के लिए खरीदारी का बेहतर अवसर प्रस्तुत करती है जो आगामी शादी-विवाह सीजन के लिए आभूषण बनवाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, भौतिक सोना खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का 6 अंकों वाला अल्फ़ान्यूमेरिक HUID हॉलमार्क अवश्य जांचें।
शुद्ध निवेश के उद्देश्य से पूंजी लगाने वाले निवेशकों को भौतिक आभूषणों के बजाय डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे विकल्पों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है, जहां मेकिंग चार्ज और अशुद्धता का जोखिम शून्य रहता है। विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद महंगाई से सुरक्षा (Inflation Hedge) के रूप में लंबी अवधि में कीमती धातुओं का बुनियादी ढांचा मजबूत बना रहेगा।

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