Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। भोटेकोशी नदी में पानी के अचानक बढ़ने से टिमुरे बाजार और सीमा नाके का कस्टम इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से ज्यादा पर्यटकों और पदयात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव के लिए 15 हेलीकॉप्टर उतारे गए हैं, लेकिन लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। सवाल यह है कि बाकी बचे यात्रियों का क्या होगा और रेस्क्यू अभियान कितना आगे बढ़ पाया है।
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक प्रभावित इलाकों से कुल 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी आई है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी पर्यटकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी हैं। आंकड़ों की जांच अभी ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर चल रही है।
Nepal Flood: रसुवा में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही
भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह पानी अचानक बढ़ने से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। तेज बहाव में कई वाहन बह गए। बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े वाहन पानी में चले गए। स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए यह हादसा अप्रत्याशित था। प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान लगातार जारी है। नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अलर्ट जारी किया गया है।
काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया। देखने पर लगता है कि प्रशासन अब अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।
सैकड़ों पर्यटक लापता, भारतीय सबसे ज्यादा संख्या में

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक पर्यटकों और पदयात्रियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती रिकॉर्ड में 384 यात्रियों के लापता होने की बात कही गई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक हैं। पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। ट्रेकिंग गाइडों की मदद से प्रभावित इलाकों में तलाश जारी है।
कैलाश जर्नी से जुड़े कुल 31 यात्री भी लापता बताए गए हैं। इनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पांच नेपाली नागरिक भी इस सूची में शामिल हैं। मामला कुछ इस तरह से है कि आंकड़े अभी बदल सकते हैं क्योंकि जांच चल रही है।
रेस्क्यू अभियान में 15 हेलीकॉप्टर तैनात, 25 लोग सुरक्षित
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार बुसी और तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। इनमें सात नेपाली सेना के हैं जबकि आठ दूसरी एजेंसियों के हैं। मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है जहां घायलों का इलाज चल रहा है। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें और बचाव दल दोनों तैनात हैं।
बचाव दल ट्रेकिंग गाइडों के साथ मिलकर तलाश कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि पहाड़ी इलाके और तेज बहाव की वजह से काम आसान नहीं है। फिर भी अभियान बिना रुके चल रहा है।
जलविद्युत परियोजनाओं को भी पहुंचा नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई परियोजनाओं के बांध, विद्युतगृह और पहुंच मार्ग को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का पूरा आकलन जमीनी जांच के बाद ही हो सकेगा। यह अप्रत्याशित तथ्य है कि पर्यटकों के साथ-साथ बिजली उत्पादन से जुड़े ढांचे भी बुरी तरह प्रभावित हुए।
भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने बढ़ाई सतर्कता
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसएसबी ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमें तैयार रखी हैं जबकि सात अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी की जा रही है। उत्तर और पूर्वी बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में घाघरा-कर्णाली और उत्तराखंड में महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है।
सीमा पर तैनात एसएसबी की बटालियनों को स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को राहत और बचाव अभियान में लगाया जाएगा। भारतीय पक्ष की ओर से यह तैयारी इसलिए जरूरी है क्योंकि नदी तंत्र दोनों देशों को जोड़ता है।
नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। आठ मौतों की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। 15 हेलीकॉप्टर और जमीनी टीमें बचाव में जुटी हैं। 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन बाकी की तलाश जारी है। जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान का आकलन बाकी है। भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी अलर्ट है। हालात अभी गंभीर बने हुए हैं। आगे की जानकारी जैसे-जैसे सामने आएगी, स्थिति और साफ होगी। फिलहाल सबकी नजर रेस्क्यू अभियान और लापता लोगों की तलाश पर टिकी है।
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