Bengal Plastic Chutney Recipe : बंगाल का खाना अपने अनोखे स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों के लिए जाना जाता है। यहां की थाली में मीठी और हल्की खट्टी चटनी को भी खास जगह मिलती है। ऐसी ही एक पारंपरिक डिश है पपीता प्लास्टिक चटनी जिसे बंगाली में पेपे प्लास्टिक कहा जाता है। नाम सुनने में अलग लग सकता है लेकिन इसका स्वाद हल्का मीठा और चटपटा होता है। कच्चे पपीते से बनी यह चटनी कम सामग्री में तैयार हो जाती है और खाने के बाद मुंह का जायका बदल देती है।
Bengal Plastic Chutney Recipe : प्लास्टिक चटनी क्यों कहलाती है यह डिश
पपीता प्लास्टिक चटनी कच्चे पपीते से बनाई जाती है। पपीते को पतले और लंबे टुकड़ों में काटकर पकाया जाता है। पकने के बाद ये टुकड़े हल्के पारदर्शी हो जाते हैं जो प्लास्टिक जैसे दिखते हैं। इसी वजह से इसे प्लास्टिक चटनी नाम दिया गया है। चीनी की मिठास के साथ नींबू की हल्की खटास और पंचफोरन का स्वाद इसे खास बनाता है।
चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस चटनी को तैयार करने के लिए एक छोटा कच्चा पपीता चाहिए। इसके अलावा डेढ़ कप तक चीनी, एक छोटा चम्मच पंचफोरन, एक-दो सूखी लाल मिर्च, नींबू का रस, कुछ काजू या किशमिश, चुटकी भर नमक और थोड़ा सरसों का तेल लगता है। पानी जरूरत के हिसाब से डाला जाता है। सामग्री आसानी से घर में उपलब्ध हो जाती है।
Bengal Plastic Chutney Recipe : पपीते को कैसे तैयार करें
सबसे पहले कच्चे पपीते को छीलकर अच्छी तरह धो लें। बीच से काटकर बीज निकाल दें। अब पपीते को बहुत पतले और लंबे टुकड़ों में काटें। टुकड़े मोटे न हों क्योंकि पतले टुकड़े पकने के बाद बेहतर लगते हैं और चटनी को अपना खास टेक्सचर देते हैं। पतले कटने से पकने का समय भी कम लगता है।
पकाने का आसान तरीका
एक बर्तन में पानी गरम करें और पपीते के टुकड़े डालकर कुछ मिनट हल्का उबाल लें। पपीता पूरी तरह गलना नहीं चाहिए बस थोड़ा नरम हो जाए। पानी निकालकर अलग रख दें। कड़ाही में थोड़ा सरसों का तेल गरम करें। पंचफोरन और सूखी लाल मिर्च डालें। मसाले चटकने पर उबला पपीता मिलाएं। चीनी, नमक और थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि टुकड़े टूटें नहीं।
चाशनी गाढ़ी होने पर क्या डालें
जब चीनी घुल जाए और चाशनी थोड़ी गाढ़ी होने लगे तब किशमिश या काजू डालें। गैस धीमी रखकर थोड़ी देर और पकाएं। आखिर में नींबू का रस मिला दें। नींबू का रस हल्की खटास लाता है और मीठे स्वाद को बैलेंस करता है। चटनी को बहुत गाढ़ा न करें क्योंकि ठंडी होने पर चाशनी अपने आप थोड़ी और गाढ़ी हो जाती है।
Bengal Plastic Chutney Recipe : कैसे सर्व करें यह बंगाली चटनी
पपीता प्लास्टिक चटनी को आमतौर पर बंगाली खाने के अंत में परोसा जाता है। चावल, दाल और सब्जी के बाद थोड़ा सा सर्व करने से मुंह का स्वाद बदल जाता है। इसका मीठा और हल्का खट्टा मेल खाने को पूरा करता है। रोज के खाने को भी यह चटनी खास बना सकती है। एक बार घर पर बनाकर जरूर आजमाएं।
बंगाल की पारंपरिक पपीता प्लास्टिक चटनी कम सामग्री और आसान तरीके से घर पर बनाई जा सकती है। कच्चे पपीते के पतले टुकड़े पकने के बाद पारदर्शी हो जाते हैं और स्वाद में मीठे-खट्टे का बेहतरीन मेल देते हैं। पंचफोरन और नींबू का रस इसे और आकर्षक बनाते हैं। बंगाली थाली के साथ या रोज के खाने में शामिल करने से भोजन का अनुभव बेहतर होता है। एक बार बनाकर देखें तो स्वाद बार-बार बनाने को प्रेरित करेगा।
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