Delhi Heavy Rain Red Alert: दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने आम जीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने राजधानी के लिए रेड अलर्ट जारी किया। कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया, सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात लगभग ठप पड़ गया।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 18 उड़ानें रद्द कर दी गईं जबकि 146 उड़ानों में देरी हुई। सोमवार को भी भारी बारिश से दिल्ली-गुरुग्राम-नोएडा प्रभावित रहे थे और मंगलवार को स्थिति और बिगड़ गई।
Delhi Heavy Rain Red Alert: शहर के किन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव?
बारिश शुरू होते ही दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया। राम मनोहर लोहिया अस्पताल, एम्स, अशोक रोड और सुप्रीम कोर्ट परिसर के आसपास भारी जलजमाव की शिकायतें आईं। एम्स के पास फ्लाईओवर लूप पर इतना पानी जमा हो गया कि वाहन घंटों फंसे रहे। निचले इलाकों और अंडरपास में पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ा। मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगह ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया।
नागरिकों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। कई दफ्तरों और स्कूलों में देरी से पहुंचने की शिकायतें आईं। लोकल ट्रेन और मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित हुईं क्योंकि कई स्टेशनों के आसपास पानी जमा हो गया था। गुरुग्राम और नोएडा में भी सड़कें पानी से भर गईं जिससे एनसीआर का पूरा यातायात तंत्र दबाव में आ गया।
Delhi Heavy Rain Red Alert: हवाई अड्डे पर उड़ानों का बुरा हाल
फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 18 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 146 उड़ानों में देरी हुई। भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण लैंडिंग-टेकऑफ प्रभावित हुए। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों को अपडेट देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की सलाह दी। कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें देर से संचालित हुईं जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी प्रभावित हुईं।
हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों में भी जलभराव ने एक्सेस रोड को प्रभावित किया। टैक्सी और कैब सेवाएं धीमी पड़ गईं। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें और अतिरिक्त समय निकालकर निकलें।
आईएमडी का रेड अलर्ट और मौसम का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। उत्तर दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पूर्व दिल्ली, शाहदरा और पूर्वी दिल्ली के लिए जिला स्तरीय नाउकास्ट चेतावनी सुबह 9:45 बजे तक प्रभावी रही। गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया।
आईएमडी के अनुसार दिल्ली के कई हिस्सों में मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा टालने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। गुरुग्राम प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की और कई स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस चलाने का फैसला लिया गया।
Delhi Heavy Rain Red Alert: मानसून का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर
24 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के विभिन्न मौसम केंद्रों पर कुल मानसूनी बारिश सामान्य से काफी अधिक दर्ज की गई है। सफदरजंग में 246.2 मिमी बारिश हुई जो सामान्य 191.1 मिमी से 29 प्रतिशत अधिक है। पालम में 227.2 मिमी (28 प्रतिशत अधिक), लोदी रोड पर 233.2 मिमी (22 प्रतिशत अधिक), रिज स्टेशन पर 243 मिमी (50 प्रतिशत अधिक) और आयानगर में 266.3 मिमी (66 प्रतिशत अधिक) बारिश दर्ज की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि इस मानसून सीजन में दिल्ली में औसत से कहीं ज्यादा पानी बरस चुका है। लगातार बारिश से जल निकासी प्रणाली पर भारी दबाव बढ़ गया है। कई पुराने ड्रेनेज सिस्टम पानी की मात्रा को संभाल नहीं पा रहे जिससे जलभराव की समस्या गंभीर हो रही है।
बारिश का वैज्ञानिक कारण
आईएमडी के अनुसार इस भारी बारिश का मुख्य कारण मध्य और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा निचले ट्रोपोस्फेरिक ट्रफ का आपस में टकराना है। यह ट्रफ गांगेय पश्चिम बंगाल से दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। दोनों सिस्टम के मिलने से तीव्र संवहनी गतिविधि उत्पन्न हुई जिससे मूसलाधार बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे सिस्टम सक्रिय रहने तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अगले 24-48 घंटों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। लोग मौसम विभाग के अपडेट नियमित रूप से चेक करते रहें।
Delhi Heavy Rain Red Alert: प्रशासन और नागरिकों के लिए चुनौती
बारिश ने दिल्ली प्रशासन के लिए जल निकासी और यातायात प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी है। कई जगह पंपिंग के बावजूद पानी नहीं उतर पा रहा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली के तारों और खुले नालों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
नागरिकों से अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा टालें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मौसम साफ होने तक सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है। दिल्ली में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर मानसून की तैयारी और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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