Cooking Oil Health Hazards: रोजमर्रा के खाने में मसालों और सब्जियों का ध्यान तो रखा जाता है लेकिन जिस तेल में खाना बनता है उसकी गुणवत्ता अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। रसोई का कुकिंग ऑयल आहार का बुनियादी हिस्सा है। गलत या घटिया तेल का लगातार इस्तेमाल शरीर को धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों की ओर ले जा सकता है। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने कुछ ऐसे तेलों के प्रति आगाह किया है जिन्हें लोग सामान्य या फायदेमंद समझकर इस्तेमाल करते हैं। ये तेल हृदय और पाचन तंत्र पर बुरा असर डालते हैं। सेहतमंद रहने के लिए रसोई से अस्वास्थ्यकर तेलों को बाहर करना जरूरी हो गया है।

हाइड्रोजेनेटेड ऑयल क्यों है सबसे खतरनाक?

आधुनिक खाद्य उद्योग में हाइड्रोजेनेटेड ऑयल को सबसे नुकसानदायक माना जाता है। इसे बनाने में प्राकृतिक वसा में हाइड्रोजन गैस मिलाई जाती है जिससे तेल ठोस या अर्ध-ठोस रूप ले लेता है। इससे उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है लेकिन प्रक्रिया के दौरान औद्योगिक ट्रांस फैट बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि ट्रांस फैट कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है। बेकरी आइटम, डिब्बाबंद स्नैक्स और बाजार के तले हुए सामानों में इसका ज्यादा इस्तेमाल होता है। इनसे दूरी बनाना सेहत के लिए फायदेमंद है।

Cooking Oil Health Hazards: पाम ऑयल का ज्यादा सेवन क्यों नुकसानदायक

बाजार में सस्ता और आसानी से उपलब्ध पाम ऑयल व्यावसायिक स्तर पर व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। पैकेट बंद प्रोसेस्ड फूड, नमकीन और बिस्कुट तलने में कंपनियां मुनाफे के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। इसमें सैचुरेटेड फैट का अनुपात बहुत अधिक होता है। ज्यादा सैचुरेटेड फैट रक्त वाहिकाओं में वसा जमा करने का मुख्य कारण बनता है। धमनियों की दीवारों पर वसा जमने से रक्त संचार बाधित होता है। समय के साथ यह हाई ब्लड प्रेशर और दिल के दौरे का कारण बन सकता है। दैनिक कुकिंग में पाम ऑयल के सीधे इस्तेमाल से बचना चाहिए। प्रोसेस्ड फूड सीमित मात्रा में ही लें।

वेजिटेबल ऑयल की सच्चाई समझें

वेजिटेबल ऑयल नाम सुनने में प्राकृतिक और सेहतमंद लगता है लेकिन हकीकत अलग है। यह किसी एक पौधे का शुद्ध तेल नहीं होता बल्कि कई सस्ते रिफाइंड तेलों का मिश्रण होता है। निकालने और साफ करने के लिए उच्च तापमान और हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में प्राकृतिक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और जहरीले तत्व बनने लगते हैं। नियमित सेवन से शरीर की कोशिकाओं में आंतरिक सूजन बढ़ती है। पुरानी सूजन आगे चलकर डायबिटीज, जोड़ों के दर्द और अन्य गंभीर समस्याओं का आधार बन सकती है। लेबल पढ़कर शुद्ध तेल चुनना बेहतर है।

Cooking Oil Health Hazards: कॉर्न ऑयल में ओमेगा संतुलन बिगड़ता है

मक्का पौष्टिक अनाज है इसलिए कॉर्न ऑयल भी फायदेमंद समझा जाता है। लेकिन मक्के से तेल निकालने की औद्योगिक विधि जटिल और अस्वास्थ्यकर होती है। इसमें ओमेगा-6 फैटी एसिड अत्यधिक मात्रा में होता है जबकि ओमेगा-3 नगण्य रहता है। शरीर को स्वस्थ रहने के लिए दोनों के बीच सही संतुलन चाहिए। ओमेगा-6 का अधिक अनुपात सूजन संबंधी प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देता है। इससे दिल की बीमारियों और चयापचय संबंधी विकारों का खतरा बढ़ जाता है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में संतुलित विकल्प अपनाना जरूरी है।

राइस ब्रान ऑयल के प्रोसेसिंग जोखिम

राइस ब्रान ऑयल चावल की भूसी से निकाला जाता है और अक्सर दिल के लिए सुरक्षित बताकर प्रचारित किया जाता है। व्यावसायिक उत्पादन में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन विधि अपनाई जाती है जिसमें हेक्सेन जैसे रसायन इस्तेमाल होते हैं। रिफाइनिंग में रसायन निकालने का दावा किया जाता है लेकिन अवशेष रहने की संभावना बनी रहती है। उच्च तापमान पर प्रोसेस होने से प्राकृतिक गुण खो जाते हैं। नियमित सेवन पाचन तंत्र और लिवर की कार्यप्रणाली पर विपरीत असर डाल सकता है। कोल्ड प्रेस्ड विकल्प ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।

Cooking Oil Health Hazards: स्वस्थ विकल्प कौन से अपनाएं?

तेल चुनते समय सिर्फ स्वाद या कीमत पर ध्यान देना गंभीर गलती हो सकती है। रिफाइंड, हाइड्रोजेनेटेड और रसायन प्रोसेस्ड तेलों की जगह पारंपरिक कोल्ड-प्रेस तरीकों से निकाले गए तेल प्राथमिकता दें। सरसों का कच्ची घानी तेल, शुद्ध तिल का तेल, नारियल तेल या कोल्ड-प्रेस ऑलिव ऑयल बेहतर माने जाते हैं। ये प्राकृतिक पोषक तत्व बनाए रखते हैं और कम नुकसान पहुंचाते हैं। सही कुकिंग ऑयल चुनकर और प्रोसेस्ड तेलों से दूरी बनाकर दिल की बीमारियों, मोटापे और पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। नियमित रूप से तेल बदलते रहें और मात्रा नियंत्रित रखें।

कुकिंग ऑयल की गुणवत्ता सेहत पर गहरा असर डालती है। हाइड्रोजेनेटेड ऑयल में ट्रांस फैट, पाम ऑयल में ज्यादा सैचुरेटेड फैट, वेजिटेबल और कॉर्न ऑयल में असंतुलन तथा राइस ब्रान ऑयल की प्रोसेसिंग समस्याएं नुकसान पहुंचा सकती हैं। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया की सलाह के अनुसार इनसे बचें। सरसों, तिल, नारियल या कोल्ड-प्रेस ऑलिव जैसे पारंपरिक तेल अपनाएं। सही चुनाव और संयमित इस्तेमाल से हृदय तथा समग्र स्वास्थ्य की रक्षा संभव है। रसोई में छोटी सावधानी बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।

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