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JPSC Scam: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्र आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। दोपहर बाद छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी की। इसमें आठ छात्र, एक वकील और दो मीडिया प्रतिनिधि शामिल हैं। सूची एसडीओ को सौंप दी गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बातचीत सिर्फ छात्रों से होगी। इससे पहले प्रशासन ने पांच नाम मांगे थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने फोन पर आंदोलनरत छात्रों से भी बात की। सरकार की ओर से मंत्रियों ने कहा कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। सीआईडी जांच, छापेमारी और गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। योग्य अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रहेंगे। छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षाएं रद्द करने और सीबीआई-ईडी जांच की है।

आंदोलन स्थल पर जारी रहा प्रदर्शन

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र दिनभर बैठे रहे। सरकार से वार्ता को लेकर चर्चा होती रही। देर शाम तक प्रशासन की ओर से वार्ता का कोई आमंत्रण नहीं मिला। एसडीओ और एडीएम शाम को स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों का हाल जाना लेकिन वार्ता की कोई चर्चा नहीं हुई।

JPSC Scam: 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी

छात्रों ने आठ छात्र प्रतिनिधियों के नाम दिए। इनमें पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रवींद्र कुमार रवि, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं। पत्रकार प्रतिनिधि शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा हैं। कानूनविद के रूप में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार को शामिल किया गया है।

प्रशासन का रुख साफ

जिला प्रशासन ने कहा कि बातचीत केवल छात्रों से ही होगी। प्रतिनिधिमंडल में गैर-छात्र सदस्यों को लेकर कोई सहमति नहीं बनी। एसडीओ कुमार रजत ने बताया कि फाइनल लिस्ट अभी नहीं मिली है। छात्रों का दावा है कि सूची पहले ही भेज दी गई है।

JPSC Scam: मंत्रियों ने सरकार का पक्ष रखा

नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों की समिति बनाई है। शिकायत मिलते ही जांच और गिरफ्तारियां शुरू हो गई थीं। कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने पेपर लीक को पूरे देश की चुनौती बताया। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि चार मंत्रियों की समिति समाधान निकालेगी।

योग्य अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां गलत नहीं हैं। योग्यता से सफल अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी। गड़बड़ी करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। सरकार छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।

JPSC Scam: छात्रों की प्रमुख मांगें

छात्रों ने टीडीपीएल द्वारा आयोजित जेपीएससी की सभी परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। 14वीं जेपीएससी, बैकलॉग 2023 और एफआरओ परीक्षाएं इसमें शामिल हैं। अभय तिवारी से जुड़ी जेएसएससी सीजीएल और पीजीटी भर्ती 2025 भी रद्द करने की मांग है। सीबीआई और ईडी से जांच कराने की बात कही गई है।

पारदर्शिता के लिए कानून बनाने की मांग

परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए कठोर कानून बनाने की मांग भी छात्रों ने रखी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। ये मांगें प्रतिनिधिमंडल के जरिए सरकार तक पहुंचाने की तैयारी है।

JPSC Scam: राहुल गांधी ने किया समर्थन

राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा कि झारखंड के छात्र अपने हक के लिए विरोध कर रहे हैं। उनका समर्थन किया जाए। यह विरोध देशभर में हो रहा है। गुरुवार को उन्होंने फोन पर पीयूष और रवींद्र से बात की। शिक्षा व्यवस्था बदलने के लिए एक्शन लेने की बात कही।

कांग्रेस नेतृत्व ने ली जानकारी

कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड छात्र आंदोलन की जानकारी ली। राहुल गांधी ने छात्रों की मांगें जानीं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी सरकार हो, शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए। आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से बचा जाए।

JPSC Scam: सरकार का तत्काल एक्शन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मंत्रियों की समिति गठित की। चेयरमैन का इस्तीफा लिया गया। 12 लोग जेल में हैं। सरकार का रुख गंभीर बताया जा रहा है। योग्य उम्मीदवारों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा गड़बड़ी को लेकर छात्र आंदोलन लगातार जारी है। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर छात्रों ने वार्ता का रास्ता खोला है। राहुल गांधी के समर्थन से आंदोलन को और बल मिला है। सरकार की ओर से समिति बनाकर समाधान निकालने का दावा किया जा रहा है। परीक्षाएं रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग अभी भी बरकरार है। दोनों पक्षों के बीच जल्द वार्ता होने की उम्मीद है। योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र समाधान निकलना जरूरी है। छात्र अपने हक के लिए डटे हुए हैं।

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