Aaj Ka Mausam 18 September 2026:  सितंबर के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही देश भर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करती नजर आ रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर 2026 के लिए देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश का व्यापक अलर्ट जारी किया है। कई वायुमंडलीय प्रणालियों—जैसे बंगाल की खाड़ी के पास चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम भारत में बने विक्षोभ—के एक साथ सक्रिय होने के कारण देश के लगभग 21 राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने का अनुमान है। कुछ सीमित क्षेत्रों में हवा की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी भी दी गई है।

पूर्वी और मध्य भारत में जहां मानसूनी तंत्र पूरी ताकत के साथ सक्रिय बना हुआ है, वहीं उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर राजस्थान के पश्चिमी छोर से मानसून की औपचारिक विदाई की अनुकूल परिस्थितियां भी 19 सितंबर से बनने के संकेत मिले हैं, जिससे देश में बारिश और विदाई का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।

Aaj Ka Mausam 18 September 2026: दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा तापमान और हवा का रुख?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम व फरीदाबाद में 18 सितंबर को मौसम मुख्यतः आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के नई दिल्ली स्थित सफदरजंग वेदर स्टेशन के अनुसार राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है।

सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे वातावरण में हल्की ठंडक महसूस होगी। दोपहर और शाम होते-होते हवा की गति में मामूली कमी आएगी। हालांकि स्थानीय स्तर पर अचानक संवहनीय बादलों के बनने से कुछ इलाकों में छिटपुट बौछारें या बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन राजधानी के लिए मौसम विभाग ने किसी बड़ी चेतावनी का संकेत नहीं दिया है।

उत्तर प्रदेश में उपखंडवार चेतावनी नहीं, लेकिन स्थानीय बौछारों के आसार

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मौसम विभाग की उपखंडवार बुलेटिन के अनुसार 18 सितंबर के लिए पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में औपचारिक रूप से ‘नो वॉर्निंग’ की स्थिति दर्ज की गई है। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि राज्य में किसी बड़े चक्रवाती तूफान या व्यापक जलभराव वाली अति-वृष्टि का कोई व्यापक खतरा नहीं है।

इसके बावजूद निचले क्षोभमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से तराई और पश्चिमी जिलों—जैसे सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों—में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। राज्य की राजधानी लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बिहार में बाढ़ के बीच भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

बिहार में मौसम की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है, जहां कई नदियां पहले से ही उफान पर हैं। मौसम विभाग के पटना केंद्र ने 18 सितंबर के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर और पूर्वी बिहार के बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में इस बारिश से जलभराव और राहत-बचाव कार्यों में बाधा आने की आशंका बढ़ गई है। पटना, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और कटिहार जैसे जिलों में नागरिकों और किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने और आकाशीय बिजली की चमक के दौरान खुले खेतों या बड़े पेड़ों के नीचे न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

राजस्थान में गरज-चमक का दौर और मानसून की विदाई की शुरुआत

राजस्थान के मौसम में इस समय दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। मौसम केंद्र जयपुर ने 18 सितंबर के लिए पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों संभागों में धूल भरी आंधी, बिजली कड़कने और छिटपुट बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग में यह मौसमी हलचल 19 सितंबर तक बनी रहने का अनुमान है।

इसके साथ ही मौसम विज्ञानियों ने पुष्टि की है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी के लिए अनुकूल मौसम परिस्थितियां तैयार हो रही हैं। मानसून की विदाई की इस प्रक्रिया के चलते आने वाले दिनों में राज्य के पश्चिमी हिस्सों में शुष्क मौसम और तेज धूप का प्रभाव बढ़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में आंधी-तूफान: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल में चेतावनी

पहाड़ी और हिमालयी क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम काफी करवट ले रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में 18 सितंबर को गरज-चमक और तेज तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, सोलन, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जिलों में अचानक तेज बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अलर्ट पर रखा गया है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री के करीब रहेगा, जबकि मनाली व शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर पारे में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। पर्वतीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति देखकर ही निकलने की हिदायत दी गई है।

ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में चक्रवाती हलचल से मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में अंडमान सागर के ऊपर बन रहे नए चक्रवाती परिसंचरण और उसके प्रभाव से विकसित होने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र का असर साफ दिखने लगा है। ओडिशा के भुवनेश्वर, मयूरभंज, बालासोर, क्योंझर और पुरी में 18 से 20 सितंबर के दौरान भारी से अति भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पश्चिम बंगाल के तटीय और उत्तरी जिलों—जैसे दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कोलकाता और हावड़ा—में भी आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी चक्रवाती हवाओं के कारण भारी वर्षा की चेतावनी बरकरार रखी गई है।

केरल और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सक्रिय मानसूनी धाराएं

दक्षिण भारत में केरल और माहे क्षेत्र में 18 और 19 सितंबर को भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। अरब सागर से आ रही आर्द्र पश्चिमी हवाओं के कारण तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी लगातार मानसूनी बौछारें पड़ने के आसार हैं। मछुआरों को समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के चलते गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी गई है।

मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ व मराठवाड़ा अंचल में भी गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। इन क्षेत्रों में बादलों के आवागमन से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज होगी, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

Aaj Ka Mausam 18 September 2026: निष्कर्ष

18 सितंबर 2026 को देश भर के करीब 21 राज्यों में मानसूनी तंत्र अपनी पूरी धमक दिखाएगा। बिहार, ओडिशा और केरल में जहां भारी वर्षा और जलभराव का जोखिम रहेगा, वहीं दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा और केवल स्थानीय स्तर पर ही बादलों व हल्की फुहारों की आवाजाही देखने को मिलेगी। राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू होने के बावजूद देश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की यात्रा या कृषि कार्य की योजना बनाते समय अपने जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी तात्कालिक नाउकास्ट बुलेटिन पर जरूर नजर रखें।

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