Gold-Silver Price 17 September 2026: भारतीय सर्राफा बाजार और वैश्विक जिंस बाजारों में 17 सितंबर 2026 को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में जबर्दस्त हलचल देखने को मिल रही है। बीते कारोबारी सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी दोनों के भाव में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 4,347 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी मजबूती के साथ 4,388 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया। वहीं औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के आकर्षण के चलते चांदी में लगभग 1.8 प्रतिशत की तेजी देखी गई और यह 64.78 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती नजर आई।
वैश्विक बाजार में आई इस मजबूती का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजारों पर भी देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई नरमी, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले आगामी फैसलों की प्रतीक्षा ने सर्राफा बाजार के रुझान को सकारात्मक दिशा दी है। हालांकि, देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय वैट (VAT), चुंगी, परिवहन भाड़े और आभूषणों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतों में अंतर बना हुआ है।
Gold-Silver Price 17 September 2026: वैश्विक बाजार में उछाल के प्रमुख कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के भाव में आई इस तेजी के पीछे कई बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण सक्रिय हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे गैर-अमेरिकी मुद्राओं वाले विदेशी खरीदारों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या लाभांश नहीं मिलता, इसलिए बॉन्ड यील्ड के घटने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को तरजीह देते हैं।
इसके अलावा, दुनिया भर के वित्तीय निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) की मौद्रिक नीति समीक्षा पर टिकी हुई हैं। ब्याज दरों के रुख को लेकर बाजार में जो कयास लगाए जा रहे हैं, उनसे मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव (Hedge against Inflation) के रूप में सोने की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार की धारणा को समर्थन दिया है, जिससे सोने और चांदी दोनों परिसंपत्तियों में ताजा खरीदारी देखने को मिली है।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के घरेलू बाजार में संकेत
घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना, जिसे 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है, मुख्य रूप से निवेश, बुलियन बार और गोल्ड कॉइन्स के लेन-देन का मानक है। 16 सितंबर को समाप्त सत्र में भारतीय बाजारों में 24 कैरेट सोने की दरें प्रति 10 ग्राम लगभग 1,53,440 से 1,53,590 रुपये के दायरे में मजबूत बनी हुई थीं। 17 सितंबर की सुबह अंतरराष्ट्रीय तेजी के आधार पर स्थानीय एसोसिएशनों द्वारा नए भाव खोले जा रहे हैं, जिसमें मामूली बढ़त की उम्मीद की जा रही है।
वहीं आम उपभोक्ता और त्योहारी खरीदार सबसे ज्यादा 22 कैरेट सोने के दामों पर नजर रखते हैं। भारत में अधिकांश पारंपरिक आभूषण 22 कैरेट यानी 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोने से बनाए जाते हैं, क्योंकि इसमें अन्य धातुओं का मिश्रण होने से गहनों को आवश्यक मजबूती मिलती है। देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव 1,40,650 से 1,40,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। शादी-ब्याह और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए इस श्रेणी में खुदरा मांग धीरे-धीरे गति पकड़ रही है।
लखनऊ और उत्तर भारत के सर्राफा बाजारों में चांदी के तेवर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर भारत के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ के बाजार में 16 सितंबर को चांदी की दरें अलग-अलग स्रोतों और डिलीवरी समय के आधार पर 2,45,000 रुपये से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर दर्ज की गई थीं।
स्रोतों के बीच यह 5,000 रुपये का अंतर यह स्पष्ट करता है कि थोक बुलियन डिलीवरी, स्थानीय आभूषण संघों के रेट कार्ड और खुदरा चांदी की वस्तुओं की कीमतों में समय के अनुसार भिन्नता हो सकती है। चांदी की कीमतों में आई हालिया मजबूती के पीछे आभूषणों के अलावा सौर ऊर्जा (Solar PV), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग (Industrial Demand) भी बड़ा कारण बनी हुई है।
गहने खरीदते समय बेस रेट और फाइनल बिल का अंतर समझें
सोना या चांदी के आभूषण खरीदते समय आम ग्राहकों को यह समझना बेहद जरूरी है कि समाचार पत्रों या स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाला प्रति 10 ग्राम का बेस रेट अंतिम खरीद मूल्य नहीं होता। जब कोई उपभोक्ता सर्राफा दुकान से आभूषण खरीदता है, तो उसके कुल बिल में बेस रेट के अलावा आभूषण का मेकिंग चार्ज (जो 8 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक हो सकता है) और 3 प्रतिशत का वस्तु एवं सेवा कर (GST) अनिवार्य रूप से जुड़ता है।
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे आभूषण खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित छह अंकों के हॉलमार्क विशिष्ट पहचान कोड (HUID) की भली-भांति जांच करें। हॉलमार्क वाला सोना खरीदने से शुद्धता की कानूनी गारंटी मिलती है। इसके साथ ही पक्के बिल में सोने का कुल वजन, शुद्धता (22K या 18K), मेकिंग चार्ज और जीएसटी की अलग-अलग प्रविष्टियों का मिलान करने के बाद ही अंतिम भुगतान करना चाहिए।
Gold-Silver Price 17 September 2026: निष्कर्ष
17 सितंबर 2026 को सोने और चांदी के बाजार में तेजी का माहौल अंतरराष्ट्रीय रुझानों, कमजोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी अनिश्चितता का मिला-जुला नतीजा है। घरेलू बाजार में जहां 24 कैरेट और 22 कैरेट सोना ऐतिहासिक रूप से मजबूत स्तरों पर टिका हुआ है, वहीं चांदी भी ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम दायरे के इर्द-गिर्द बनी हुई है। त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को बाजार के तात्कालिक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय सर्राफा एसोसिएशन या अधिकृत ज्वैलर्स से उसी समय के पुख्ता रेट की पुष्टि करने के उपरांत ही लेन-देन को अंतिम रूप देना चाहिए।
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