Chandrashekhar Azad: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या का षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने दावा किया कि उनके स्रोत गलत नहीं हैं और सरकार उच्चस्तरीय जांच करे। यह बयान बाराबंकी में काफिला रोके जाने के बाद आया है। रविवार को वे गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। टोल प्लाजा पर गाड़ियां रुकने के बाद धक्का-मुक्की और पथराव का आरोप भी लगाया गया। सांसद ने कहा कि मौत से डरकर नहीं जिया जा सकता और संघर्ष जारी रहेगा।
Chandrashekhar Azad: सांसद ने क्या कहा
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि फार्म हाउस में उनकी हत्या का प्लान बना। यह बात वे जिम्मेदारी से कह रहे हैं। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया। पूरी बात की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
सांसद ने सरकार से निष्पक्ष जांच मांगी है। उन्होंने कहा कि कथित साजिश और बाराबंकी हिंसा दोनों की भूमिका सामने आए। जनप्रतिनिधि होने के नाते सुरक्षा का सवाल भी उठाया गया। फिलहाल पुलिस या सरकार की ओर से विस्तृत जवाब सार्वजनिक नहीं हुआ है।
Chandrashekhar Azad: बाराबंकी में काफिला क्यों रुका
रविवार को काफिला गोंडा जा रहा था। बाराबंकी टोल प्लाजा पर वाहन रोके गए। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तनाव बढ़ा। सांसद ने प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे। घटना के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया।
पथराव और वाहन जलाने का आरोप
चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि दिनदहाड़े पथराव हुआ। उन्होंने कहा कि ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतलों से वाहन में आग लगाने की कोशिश हुई। ये उनके अपने आरोप हैं। स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। जांच एजेंसियां तथ्यों की पड़ताल करेंगी।
Chandrashekhar Azad: सुरक्षा को लेकर सवाल
सांसद सुरक्षा प्राप्त जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि सवाल केवल उनकी जान का नहीं है। दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा का मुद्दा भी जोड़ा गया। निर्वाचित नेता के काफिले पर हमले का आरोप संवेदनशील माना जा रहा है।
समर्थकों से क्या अपील की
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। संघर्ष जारी रहेगा, ऐसा उन्होंने दोहराया। विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि मौत एक दिन आती है। बयान से पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज हो गई है।
घटना की पृष्ठभूमि क्या है
यह बयान बाराबंकी तनाव के कुछ दिन बाद आया। इससे पहले काफिला रोकने पर दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। गोंडा जाना कारोबारी हत्याकांड से जुड़ा था। पूरा मामला अब सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ गया है।
Chandrashekhar Azad: आगे क्या हो सकता है
सरकार जांच का आदेश दे सकती है। पुलिस बयान और वीडियो को सबूत मानकर कार्रवाई देखेगी। बिना साक्ष्य के आरोपों को तथ्य नहीं माना जा सकता। सांसद की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी संभव है।
चंद्रशेखर आजाद के आरोप गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल वे दावा भर हैं। फार्म हाउस की साजिश, बाराबंकी का विवाद और सुरक्षा चिंताएं जांच के बिना अधूरी तस्वीर हैं। निर्वाचित प्रतिनिधि की जान का सवाल प्रशासन के लिए संवेदनशील है। साथ ही बिना सबूत किसी पर आरोप लगाना भी जांच का विषय बनेगा। आने वाले दिनों में पुलिस बयान, सीसीटीवी और गवाहों के बयान से स्थिति साफ होगी। समर्थकों में आक्रोश है, लेकिन तथ्यों की पुष्टि ही सही दिशा तय करेगी।
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