Bihar Electricity Investment: बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी चल रही है। सरकार ने अगले पांच साल में 1.30 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज समेत करीब छह कंपनियों ने राज्य में निवेश की रुचि दिखाई है। अगले चरण की बातचीत जल्द होने की उम्मीद है। इससे सौर और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव आने के साथ रोजगार के नए अवसर भी खुल सकते हैं। 2030 तक 24 हजार मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है।
Bihar Electricity Investment: पांच साल में बड़ा निवेश लक्ष्य
बिहार सरकार बिजली क्षेत्र में पांच वर्षों में 1,33,541 करोड़ रुपये निवेश लाने की योजना बना रही है। यह राशि उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और रखरखाव पर खर्च होगी। इतने बड़े निवेश से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। राज्य में बिजली आपूर्ति और स्थिरता दोनों सुधरने की संभावना है। ऊर्जा विभाग इस दिशा में सक्रिय है।
कहां-कहां खर्च होगा पैसा
बिजली उत्पादन पर 32,679 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। ट्रांसमिशन के लिए 24,603 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वितरण व्यवस्था पर 25,909 करोड़ रुपये लगाने की योजना है। रखरखाव के लिए 2,370 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन मदों से पूरे नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश होगी।
2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य
सरकार ने 2030 तक 24 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ 6 गीगावॉट घंटे स्टोरेज क्षमता भी विकसित की जाएगी। सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हरित ऊर्जा के विस्तार से पर्यावरण और बिजली दोनों मोर्चों पर फायदा मिल सकता है। बड़े निवेश की जरूरत इसी लक्ष्य के लिए है।
Bihar Electricity Investment: निवेश प्रोत्साहन पैकेज तैयार
औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 लाया गया है। ऊर्जा विभाग निवेश जुटाने में पूरी ताकत लगा रहा है। कंपनियों को राज्य में संभावनाएं दिख रही हैं। पैकेज के तहत सुविधाएं देने की तैयारी है। इससे और निवेशक आकर्षित हो सकते हैं।
दिल्ली और भुवनेश्वर में हुई बातचीत
इस साल छह और सात अगस्त को नई दिल्ली में सीआईआई सम्मेलन हुआ। छह अगस्त को भुवनेश्वर और 10 अगस्त को दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित हुए। इन मौकों पर ऊर्जा मंत्री, ऊर्जा सचिव और अधिकारियों ने निवेशकों से मुलाकात की। तीन बड़ी कंपनियों के अलावा अन्य निवेशकों ने भी रुचि दिखाई। बातचीत का अगला चरण जल्द शुरू हो सकता है।
बिजली कंपनियां घाटे से मुनाफे में
राज्य की बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति सुधरी है। साल 2022 में 2,218 करोड़ रुपये का घाटा था। 2026 में 2,375 करोड़ रुपये का अस्थायी लाभ दर्ज किया गया है। प्रति माह 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के बावजूद यह सुधार हुआ है। सरकार मुफ्त बिजली पर हर साल करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
Bihar Electricity Investment: रोजगार और ढांचे में बदलाव की उम्मीद
इतने बड़े निवेश से बिजली क्षेत्र का ढांचा मजबूत होगा। सौर परियोजनाओं और स्टोरेज सिस्टम से नई नौकरियां निकल सकती हैं। औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा। कंपनियों के आने से स्थानीय युवाओं को अवसर मिलने की संभावना है। राज्य ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकता है।
बिहार ऊर्जा क्षेत्र में 1.30 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना से बड़े बदलाव की उम्मीद जगी है। छह कंपनियों की रुचि और अधिकारियों से हुई बातचीत सकारात्मक संकेत हैं। उत्पादन से लेकर वितरण तक राशि खर्च करने का ब्लूप्रिंट तैयार है। 2030 के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह निवेश जरूरी माना जा रहा है। वितरण कंपनियों का घाटे से मुनाफे में आना निवेशकों के लिए राहत की बात है।
अब अगले चरण की बातचीत और परियोजनाओं की जमीन पर अमल तय करेगा कि योजना कितनी तेजी से आगे बढ़ती है। रोजगार और बिजली आपूर्ति दोनों मोर्चों पर असर दिख सकता है।
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