JPSC Recruitment Scam Arrest: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को सीआईडी ने जेल भेज दिया है।

शुक्रवार को उनकी रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसी बीच सीजीएल परीक्षा में सफल रहे 25 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। अब तक सवा चार सौ से ज्यादा लोगों से जानकारी ली जा चुकी है।

जांच एजेंसी पूछताछ में निकले तथ्यों के आधार पर और गिरफ्तारियां कर रही है।जेपीएससी भर्ती घोटाला, अभय तिवारी गिरफ्तार, जेपीएससी सीजीएल स्कैम, झारखंड भर्ती घोटाला जांच, सीआईडी जेपीएससी केस

JPSC Recruitment Scam Arrest: अभय तिवारी को जेल भेजा गया

अभय तिवारी को पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सीआईडी ने उन्हें जेल भेज दिया। उन्हें इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। टीडीपीएल कंपनी से जुड़े होने के कारण उनकी भूमिका जांच के केंद्र में रही। एजेंसी उनके जरिए पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

अन्य आरोपियों से पूछताछ

जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से भी शुक्रवार को पूछताछ हुई। टीडीपीएल के दो कर्मियों प्रदीप और संजय से भी जानकारी ली गई। तीनों को शनिवार तक रिमांड पर रखा गया है। दो दिन पहले गिरफ्तार कोचिंग संचालक रवि को शनिवार को रिमांड पर लेने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सीआईडी ने इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

JPSC Recruitment Scam Arrest: सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ का सिलसिला

सीजीएल परीक्षा में सफल घोषित हुए अभ्यर्थियों से पूछताछ लगातार चल रही है। शुक्रवार को अकेले 25 से अधिक सफल उम्मीदवारों से बात की गई। अब तक कुल सवा चार सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।

इन बातचीत से निकले सुरागों के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी तरीके से कितने लोग अफसर बन गए।

जांच का वर्तमान स्वरूप

सीआईडी पूरे मामले की परतें खोल रही है। दारोगा नहीं बन पाने वाले व्यक्ति द्वारा परीक्षा फर्जीवाड़े का नेटवर्क खड़ा करने का आरोप पहले से चर्चा में है। कई लोगों को अफसर बना दिए जाने के दावे जांच में परखे जा रहे हैं।

पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों से नई गिरफ्तारियां हो रही हैं। मामला झारखंड की सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा है इसलिए जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।

JPSC Recruitment Scam Arrest: आगे की कार्रवाई

शनिवार को कुछ और आरोपियों को रिमांड पर लेने की संभावना है। सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ का दौर जारी रहेगा। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर लगी है। जितने ज्यादा लोग पूछताछ में शामिल होंगे, उतने ही नए सूत्र मिलने की उम्मीद है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई अदालत में होगी।

जेपीएससी भर्ती घोटाले में अभय तिवारी के जेल जाने से जांच को नई दिशा मिली है। 25 से अधिक सफल अभ्यर्थियों समेत सैकड़ों लोगों से पूछताछ हो चुकी है। अन्य आरोपी अभी रिमांड पर हैं और कोचिंग संचालक को भी हिरासत में लेने की तैयारी है।

सीआईडी तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारियां कर रही है। यह मामला सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का सवाल उठाता है। जांच पूरी होने तक और खुलासे सामने आने की संभावना बनी हुई है।

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