परिचय

दीपावली के दो दिन बाद भाई दूज पर्व मनाया जाता है, जिसमें बहनें भाइयों को तिलक करके उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं।

शुभ मुहूर्त एवं समय

भाई दूज के दिन दोपहर का समय तिलक के लिए शुभ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • रोली-अक्षत
  • नारियल
  • मिठाई
  • आरती की थाली

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. बहन भाई को आसन पर बिठाकर तिलक करे।
  2. नारियल व मिठाई भेंट करे।
  3. आरती उतारकर भाई की लंबी आयु की कामना करे।
  4. भाई बहन को उपहार/आशीर्वाद दे।

मंत्र

मुख्य मंत्र: यमुनातीरे विश्वजितं यमराजं प्रपूजयेत्।

लाभ एवं महत्व

भाई-बहन के रिश्ते में मजबूती आती है, भाई की दीर्घायु व सुरक्षा की कामना पूर्ण होती है।

सावधानियां

तिलक हमेशा अक्षत सहित करें, बिना अक्षत का तिलक अधूरा माना जाता है।

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