परिचय

दीपावली के अगले दिन भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में गोवर्धन पूजा की जाती है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

गोवर्धन पूजा के दिन प्रातःकाल गोबर से पर्वत बनाकर पूजा की जाती है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • गोबर (गोवर्धन पर्वत बनाने हेतु)
  • फूल-पत्ते (सजावट हेतु)
  • छप्पन भोग/अन्नकूट
  • दीपक

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीकात्मक रूप बनाएं।
  2. फूल-पत्तों से सजाएं।
  3. अन्नकूट (विभिन्न व्यंजनों) का भोग अर्पित करें।
  4. परिक्रमा करके कृष्ण भगवान की आरती करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ गोवर्धनाय नमः

लाभ एवं महत्व

प्रकृति व गोवंश के प्रति आभार प्रकट होता है, घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती।

सावधानियां

गोबर व सामग्री का प्रयोग स्वच्छता के साथ करें।

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