परिचय

दीपावली की रात्रि लक्ष्मी-गणेश-कुबेर पूजन का विशेष महत्व है, जिससे वर्षभर घर में धन-समृद्धि बनी रहती है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

दीपावली की रात्रि प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) स्थिर लग्न में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • लक्ष्मी-गणेश-कुबेर प्रतिमा
  • खील-बताशे
  • चांदी का सिक्का
  • बही-खाता/तिजोरी
  • मिट्टी के दीये
  • गंगाजल
  • रोली/कुमकुम
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • धूपबत्ती व अगरबत्ती
  • घी का दीपक
  • कपूर
  • नारियल
  • फल एवं मिठाई
  • पान का पत्ता व सुपारी
  • लाल/पीला वस्त्र

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. घर व पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई व सजावट करें।
  2. चौकी पर लक्ष्मी-गणेश-कुबेर स्थापित करें।
  3. पंचामृत स्नान कराकर वस्त्र-आभूषण अर्पित करें।
  4. खील-बताशे व मिठाई का भोग लगाएं।
  5. पूरे घर में दीये जलाएं, आरती करें।
  6. बही-खाते व तिजोरी की भी पूजा करें।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः

लाभ एवं महत्व

वर्षभर धन-समृद्धि, व्यापार में उन्नति तथा घर में सुख-शांति बनी रहती है।

सावधानियां

पूजा के समय घर का मुख्य द्वार खुला व रोशनी से युक्त रखें, ताकि माता लक्ष्मी का स्वागत हो सके।

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