परिचय

गणेश चतुर्थी के बाद निर्धारित दिन (डेढ़, तीन, पांच, सात या दस दिन) पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन विधिपूर्वक किया जाता है।

शुभ मुहूर्त एवं समय

विसर्जन के दिन संध्याकाल का समय शुभ माना जाता है।

आवश्यक पूजा सामग्री

  • गणेश प्रतिमा
  • लाल वस्त्र
  • फूल-माला
  • मोदक (अंतिम भोग हेतु)

पूजा विधि (चरण दर चरण)

  1. विसर्जन से पहले अंतिम आरती व पूजा करें।
  2. मोदक का भोग लगाएं और क्षमा-प्रार्थना करें।
  3. प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक जल स्रोत (नदी/तालाब/कृत्रिम कुंड) में विसर्जित करें।
  4. ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ का जयकारा लगाएं।

मंत्र

मुख्य मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः, यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकाम्यार्थसिद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥

लाभ एवं महत्व

विघ्नहर्ता की कृपा वर्षभर बनी रहती है, विसर्जन से भावनात्मक संतुलन व नई शुरुआत का भाव मिलता है।

सावधानियां

मिट्टी की इको-फ्रेंडली प्रतिमा का ही प्रयोग करें, जल स्रोतों को प्रदूषित न करें।

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