Gold-Silver Price 11 September 2026: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में इन दिनों तीव्र उठापटक का दौर जारी है। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भी आभूषण खरीदारों, खुदरा उपभोक्ताओं और कमोडिटी निवेशकों की नजर सोने-चांदी के नए भावों पर टिकी हुई है। पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर सोने में तेजी का रुख देखा गया, जबकि चांदी मुनाफावसूली और विदेशी दबाव के चलते लाल निशान में फिसल गई।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मजबूती, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल का $100 प्रति बैरल के पार निकलना और आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति (CPI) आंकड़ों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति बुलियन मार्केट को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
Gold-Silver Price 11 September 2026: घरेलू बाजार में सोने और चांदी के ताजा भाव
भारतीय खुदरा बाजार में शुद्धता के आधार पर सोने के दाम स्थिर से हल्के मजबूत दायरे में बने हुए हैं। 10 ग्राम 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) सोने की औसत खुदरा कीमत ₹1,54,300 से ₹1,54,450 के बीच दर्ज की गई है। वहीं, जेवराती मांग के लिए सबसे लोकप्रिय 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,41,440 से ₹1,41,590 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
चांदी की बात करें तो खुदरा बाजारों में औद्योगिक मांग और स्थानीय आपूर्ति के आधार पर चांदी ₹2,43,000 से ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही है।
महानगरों में सोने और चांदी की दरें
देश के प्रमुख महानगरों में स्थानीय करों और माल ढुलाई शुल्क के चलते खुदरा भावों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है।
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,54,450 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,41,590 प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है, जबकि यहां चांदी ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,54,300, 22 कैरेट का भाव ₹1,41,440 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर स्थिर है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1,54,300, 22 कैरेट सोना ₹1,41,440 और चांदी ₹2,54,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है। बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,54,300 और 22 कैरेट सोना ₹1,41,440 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी ₹2,49,900 से ₹2,54,900 प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रही है।
(नोट: ये भाव सांकेतिक बेस रेट्स हैं। इनमें 3% जीएसटी, टीसीएस और स्थानीय ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।)
MCX वायदा बाजार का हाल: सोने में बढ़त, चांदी में सुस्ती
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सत्र में 5 अक्टूबर 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर ₹217 की तेजी के साथ ₹1,53,980 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसने ₹1,54,450 का इंट्राडे हाई स्तर भी छुआ था।
इसके विपरीत, 4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स में भारी बिकवाली देखी गई और यह ₹639 की गिरावट के साथ ₹2,43,574 प्रति किलोग्राम पर आ गई। चांदी ने सत्र के दौरान ₹2,44,300 का उच्चतम स्तर छूने के बाद ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली का दबाव झेला।
क्यों बदल रहे हैं सोने-चांदी के दाम? मुख्य वैश्विक कारण
कीमती धातुओं के भाव में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक कारक सक्रिय हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बाजार में गहरा संशय बना हुआ है। ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका से डॉलर मजबूत होता है और सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों में निवेश की लागत बढ़ जाती है।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल वैश्विक महंगाई को बढ़ाता है, जिसके विरुद्ध निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी करते हैं। वहीं डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ₹95 के पार कमजोर बना हुआ है, जिससे भारत में सोने का आयात सीधे महंगा हो रहा है। चांदी के मामले में औद्योगिक मांग और सोलर-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की सुस्ती का दोहरा दबाव भी देखने को मिल रहा है।
24 कैरेट और 22 कैरेट में अंतर: आभूषण खरीदते समय बरतें सावधानी
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और अत्यधिक कोमल होने के कारण इसका उपयोग सिक्के व बार बनाने में ही अधिक होता है। टिकाऊ आभूषणों के निर्माण के लिए 22 कैरेट सोना उपयुक्त माना जाता है, जिसमें 91.6% शुद्ध सोना और शेष हिस्से में अन्य धातुएं मिलाकर इसे मजबूती दी जाती है।
दुकान से गहने खरीदते समय अंतिम भुगतान केवल वजन और बाजार भाव से तय नहीं होता, बल्कि उसमें हॉलमार्किंग, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी भी शामिल होता है। इसलिए उपभोक्ताओं को हमेशा बीआईएस 6-डिजिट HUID हॉलमार्क देखकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
Gold-Silver Price 11 September 2026: आगामी दिनों में क्या रह सकती है बाजार की चाल?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म्स और कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की निरंतर खरीद और सुरक्षित निवेश की मांग के दम पर लंबी अवधि में तेजी का रुझान बना रह सकता है। हालांकि, अल्पकाल में अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नीति बाजार में तेज हलचल ला सकती है। निवेशकों और आम खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी एक दिन की तेजी या मंदी पर बड़ा फैसला लेने के बजाय अपने बजट और जरूरत के आधार पर चरणबद्ध तरीके से ही खरीदारी करें।
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