Nepal Violence Explained: पड़ोसी देश नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से बीते एक सप्ताह से गंभीर सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की आग में झुलस रहे हैं। 26 जुलाई 2026 की रात कोशी प्रांत के सुनसरी जिले से शुरू हुई झड़पें देखते ही देखते आसपास के कई जिलों में फैल गईं। इस हिंसा और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने चार प्रमुख प्रभावित जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। नेपाल के मधेश और कोशी प्रांतों में व्याप्त तनाव का असर अब भारत से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी साफ दिखाई देने लगा है, जिसके बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में अशांति फैलने के कारण व्यापार, परिवहन और पर्यटन पूरी तरह ठप हो गया है। नेपाल सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की है, वहीं नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देशवासियों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की सार्वजनिक अपील जारी की है।

Nepal Violence Explained: धार्मिक जुलूस में लाउडस्पीकर के विवाद से भड़की हिंसा की चिंगारी

नेपाल में हिंसा की शुरुआत 26 जुलाई की रात को कोशी प्रांत के सुनसरी जिले के देवगंज स्थित कप्तानगंज इलाके में हुई। सावन के पवित्र महीने में ‘बोल बम उत्सव’ के तहत हिंदू श्रद्धालु कोशी बैराज से जल लेकर कप्तानगंज चौक की ओर जा रहे थे। जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने और धार्मिक झंडे फहराने को लेकर विवाद पैदा हुआ।

स्थानीय सूत्रों और पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने देर रात तेज आवाज में बज रहे संगीत और डीजे पर आपत्ति जताई। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी जल्द ही धक्का-मुक्की और हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों ओर से पथराव और उपद्रव शुरू होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस गोलीबारी और हिंसा में अब तक तीन लोगों की गई जान

विवाद बढ़ने और भीड़ के बेकाबू होने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और हवा में गोलियां चलाईं। इस गोलीबारी में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता नामक युवक की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और हिंसा मधेश प्रांत के अन्य पड़ोसी जिलों में भी तेजी से फैल गई।

हिंसा की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए जय प्रकाश मेहता ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिराहा जिले के गोलबाजार के पास हुई हिंसक घटना में घायल 15 वर्षीय गणेश यादव की भी मौत हो गई। इस प्रकार एक सप्ताह के भीतर इस सांप्रदायिक उपद्रव में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

Nepal Violence Explained: चार प्रमुख जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू और प्रशासनिक प्रतिबंध लागू

सांप्रदायिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए नेपाल प्रशासन ने चार प्रमुख जिलों—सुनसरी, सप्तरी, धनुषा और सिराहा में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। कर्फ्यू के नियमों के तहत किसी भी स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने, विरोध प्रदर्शन करने, सार्वजनिक सभा आयोजित करने अथवा धार्मिक जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

संवेदनशील इलाकों में नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की गश्त बढ़ा दी गई है। उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री बालेन शाह की शांति की अपील और जांच का आश्वासन

हिंसा भड़कने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दोनों समुदायों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि नेपाल की सामाजिक विविधता और आपसी सद्भाव देश की पहचान है, जिसे किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार हालिया हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराएगी तथा हिंसा भड़काने के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाएगी। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें, अफवाहें या नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा न करने की भी अपील की।

Nepal Violence Explained: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी, यात्रियों और व्यापारियों की बढ़ीं मुश्किलें

नेपाल के सुनसरी और मधेश क्षेत्र की सीमा बिहार के जिलों से लगती है, जिसके कारण भारतीय सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बिहार के मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों से सटे बॉर्डर्स पर एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। सीतामढ़ी के मिठ्ठामोड़ सीमा से नेपाल जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है।

हिंसा और कर्फ्यू के चलते जनकपुर धाम स्थित माता जानकी मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले भारतीय श्रद्धालु सीमा पर ही फंस गए हैं। सीमा पार आवाजाही ठप होने से स्थानीय दुकानदारों, ऑटो चालकों और सीमावर्ती व्यापारियों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है। सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

नेपाल में भड़की यह सांप्रदायिक हिंसा न केवल स्थानीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है, बल्कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। दोनों देशों के प्रशासनिक तंत्र का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल हिंसा के प्रसार को रोकना और सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था बहाल करना है। नेपाल सरकार द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदमों और पीएम बालेन शाह की शांति की अपील के बाद अब देखना होगा कि प्रभावित जिलों में स्थितियां कितनी जल्दी सामान्य हो पाती हैं।

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