Leaking Window During RainLeaking Window During Rain

Leaking Window During Rain: बारिश के मौसम में तेज हवा और पानी के साथ कई घरों में खिड़की से सीलन और रिसाव की समस्या आम हो जाती है। कभी-कभी पानी इतनी कम मात्रा में अंदर आता है कि शुरुआत में ध्यान ही नहीं जाता। लेकिन लगातार नमी रहने से दीवारें, फर्श, खिड़की के फ्रेम और आसपास रखा सामान खराब होने लगता है। अगर आपके घर में भी बारिश के समय खिड़की से पानी आने की शिकायत है तो कुछ जरूरी जगहों की जांच और साधारण उपाय अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक निपटा जा सकता है। समय रहते छोटी खराबी ठीक कराने से बड़ी मरम्मत और नुकसान दोनों से बचा जा सकता है।

खिड़की की सीलेंट लाइन की जांच सबसे पहले जरूरी

खिड़की के फ्रेम के आसपास लगी सीलेंट की परत समय के साथ सूखकर टूट सकती है। कहीं से सीलेंट निकल गया हो या उसमें छोटी दरार दिख रही हो तो बारिश का पानी उसी रास्ते से अंदर पहुंच सकता है। बाहरी किनारों को ध्यान से देखकर ऐसी जगहों की पहचान करें। खराब सीलेंट हटाकर जरूरत के अनुसार नया बाहरी सीलेंट लगवाना इस समस्या को काफी कम कर सकता है।

Leaking Window During Rain: वेदर स्ट्रिपिंग खराब होने पर पानी आने का खतरा बढ़ जाता है

खिड़की के खुलने-बंद होने वाले हिस्से में लगी वेदर स्ट्रिपिंग बाहर की हवा और नमी को रोकने में मदद करती है। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद यह दब सकती है, घिस सकती है या अपनी जगह से हट सकती है। अगर खिड़की बंद करने के बाद भी किनारे से हवा आती है या गैप दिखता है तो वेदर स्ट्रिपिंग जरूर चेक करें। इसे बदलने से रिसाव कम करने में मदद मिलती है।

फ्रेम में दरार या गैप भी हो सकता है मुख्य कारण

कई बार पानी आने की वजह खिड़की की सील नहीं बल्कि उसका फ्रेम होता है। पुराने लकड़ी के फ्रेम में नमी के कारण फूलने या खराब होने की समस्या हो सकती है। लंबे समय से लगे फ्रेम में दीवार और फ्रेम के बीच गैप भी बन सकता है। फ्रेम पर दरार, रंग में बदलाव, नरम लकड़ी या नमी के निशान दिखें तो इसकी जांच करवाना बेहतर रहता है।

Leaking Window During Rain: खिड़की के आसपास पानी जमा न होने दें

बारिश का पानी अगर खिड़की के आसपास लगातार जमा होता रहे तो रिसाव की परेशानी बढ़ सकती है। घर की छत, बालकनी या आसपास से आने वाले पानी की दिशा पर भी ध्यान दें। गटर और पानी की निकासी वाली जगहों में पत्तियां, मिट्टी या कचरा जमा न होने दें। खिड़की में पानी बाहर निकालने के लिए बने छोटे छेद भी साफ रखें।

तेज बारिश के दौरान पानी अंदर आ जाए तो ये कदम उठाएं

अगर तेज बारिश के दौरान खिड़की से पानी आने लगे तो सबसे पहले आसपास रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कारपेट हटा दें। फर्श पर जमा पानी को तुरंत कपड़े या पोछे से साफ करें। सिर्फ दिखाई देने वाला पानी हटाना काफी नहीं है। बारिश रुकने के बाद खिड़की के फ्रेम, सिल, दीवार और फर्श के आसपास नमी के निशान जरूर देखें।

बारिश शुरू होने से पहले इन जगहों की जांच कर लें

बारिश आने से पहले खिड़की की सीलेंट, वेदर स्ट्रिपिंग और फ्रेम की स्थिति देख लेना बेहतर रहता है। साथ ही यह भी जांचें कि घर के आसपास पानी जमा तो नहीं हो रहा। अगर हर बारिश में एक ही जगह से पानी अंदर आता है या फ्रेम में नमी और सड़न दिखाई देती है तो सिर्फ ऊपर से गैप बंद करने के बजाय रिसाव की असली वजह पता करवाएं।

Leaking Window During Rain: नियमित रखरखाव से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है

समय रहते छोटी-मोटी खराबी ठीक कराने से दीवारों में सीलन, रंग उखड़ने और फर्नीचर खराब होने जैसी समस्याएं काफी हद तक नियंत्रित रहती हैं। खासकर मानसून से पहले ये जांच कर लेना घर के रखरखाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। सही दिशा में ध्यान देने से न सिर्फ पानी का रिसाव रुकता है बल्कि घर की उम्र भी बढ़ती है।

बारिश में खिड़की से पानी आने की समस्या को नजरअंदाज करने से दीवारों और सामान को नुकसान पहुंच सकता है। सीलेंट, वेदर स्ट्रिपिंग और फ्रेम की नियमित जांच के साथ आसपास पानी जमा न होने देना इस परेशानी को नियंत्रित करने में मददगार साबित होता है। छोटी खराबी को समय रहते ठीक कराने से बड़ी मरम्मत का खर्च और परेशानी दोनों से बचा जा सकता है। सही रखरखाव अपनाकर घर को सीलन और नमी से सुरक्षित रखना संभव है।

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