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Patna High Court New Chief Justice: पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश पटना हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के रूप में की है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम द्वारा भेजी गई इस अनुशंसा पर अब केंद्र सरकार की अंतिम मुहर लगनी बाकी है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने और औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद वे पदभार ग्रहण करेंगे।
पटना हाईकोर्ट में इस समय स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। इसके बाद से हाईकोर्ट के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की गई थी। अब कॉलेजियम की इस सिफारिश से बिहार के प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में एक नई उम्मीद जगी है।
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का मुख्य न्यायाधीश बनना पटना हाईकोर्ट के न्यायिक कामकाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वे कानून के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अनुभव रखते हैं। कॉलेजियम ने उनके लंबे और बेदाग न्यायिक करियर को ध्यान में रखते हुए इस जिम्मेदारी के लिए उनके नाम को सबसे उपयुक्त माना है। केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलते ही उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

पटना हाईकोर्ट में वर्तमान व्यवस्था और हालिया घटनाक्रम

पटना हाईकोर्ट में हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। अदालत के दैनिक कामकाज और मामलों की सुनवाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए अंतरिम व्यवस्थाएं की जाती रही हैं। वर्तमान में हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जजों में शामिल जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे मामलों के निष्पादन और प्रशासनिक व्यवस्था की देखरेख बखूबी कर रहे हैं।
इससे पहले जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल बहुत संक्षिप्त रहा था। 5 जून 2026 को शपथ लेने के बाद वे लगभग एक महीने तक ही इस पद पर रहीं और 11 जुलाई 2026 को अपनी सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने के बाद पदमुक्त हो गईं। उनके रिटायरमेंट के बाद से ही नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी थीं।
अब कॉलेजियम की सिफारिश के बाद यह माना जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट को जल्द ही एक स्थायी प्रशासनिक प्रमुख मिल जाएगा। स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से अदालती तंत्र में स्थिरता आती है और नीतिगत फैसलों को तेजी से लागू करने में मदद मिलती है। बिहार के legal fraternity और आम अधिवक्ताओं ने भी इस सिफारिश का स्वागत किया है।

Patna High Court New Chief Justice: जानिए कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव

जस्टिस वी. कामेश्वर राव देश के वरिष्ठ और अनुभवी न्यायाधीशों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वर्ष 1987 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया।
कानून की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रवेश लिया और 1990 में एलएलबी की डिग्री हासिल की। कानून की डिग्री मिलने के तुरंत बाद उन्होंने वकालत के पेशे में कदम रखा। मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में एक अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और विभिन्न अदालतों में प्रैक्टिस शुरू कर दी।
अपनी मेहनत और विधिक समझ के बल पर उन्होंने जल्द ही कानूनी हलकों में अपनी पहचान बना ली। उन्होंने लगभग दो दशकों तक वकालत की और कई जटिल मामलों में मुवक्किलों का पक्ष रखा। उनकी बेहतरीन वकालत और कानूनी बारीकियों की पकड़ को देखते हुए जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया।

Patna High Court New Chief Justice: दिल्ली से कर्नाटक और पुनः वापसी का न्यायिक सफर

वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के तीन साल बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव के न्यायिक करियर का एक नया अध्याय शुरू हुआ। 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। हाईकोर्ट के जज के रूप में उनके काम का आकलन करने के बाद 18 मार्च 2015 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में रहते हुए कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले सुनाए।
न्यायिक स्थानांतरण नीति के तहत 1 जून 2024 को उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया। कर्नाटक हाईकोर्ट में भी उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का परिचय दिया। उनकी वरिष्ठता को देखते हुए 30 मई 2025 को उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट के कामकाज को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया।
कर्नाटक में अपनी सेवाएं देने के बाद वे पुनः अपनी मातृ अदालत लौटे। 21 जुलाई 2025 को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में दोबारा कार्यभार संभाला। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके इस विस्तृत और विविधतापूर्ण अनुभव को देखते हुए उन्हें पटना हाईकोर्ट का नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।

Patna High Court New Chief Justice: सेवा और श्रम कानून के माने जाते हैं बड़े विशेषज्ञ

जस्टिस वी. कामेश्वर राव को मुख्य रूप से सेवा कानून और श्रम कानून का गहरा जानकार माना जाता है। वकालत के दिनों से लेकर न्यायाधीश बनने तक उन्होंने इन क्षेत्रों के मामलों को बारीकी से समझा और सुलझाया है। इसके अलावा उन्हें संविधान, प्रशासनिक कानून और सिविल मामलों का भी व्यापक अनुभव है। सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों में उनके फैसले काफी सटीक माने जाते हैं।
बिहार जैसे बड़े राज्य में जहां हाईकोर्ट के समक्ष हजारों सेवा संबंधी याचिकाएं और पेंशन से जुड़े मामले लंबित हैं, वहां उनका यह अनुभव बेहद कारगर साबित हो सकता है। प्रशासनिक कानून पर उनकी मजबूत पकड़ से लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिवक्ताओं का मानना है कि उनके आने से न्यायिक प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता आएगी।
कॉलेजियम ने सिफारिश भेजते समय उनके विधिक ज्ञान, ईमानदारी और प्रशासनिक दक्षता को मुख्य आधार बनाया है। एक जज के रूप में उनका पिछला रिकॉर्ड बेहद निष्पक्ष और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। यही वजह है कि कानूनी बिरादरी उनके पटना आने को एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रही है।

Patna High Court New Chief Justice: नियुक्ति की प्रक्रिया और आगे की संभावनाएं

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के पास विचारार्थ जाएगा। मंत्रालय इस सिफारिश की समीक्षा करता है और अपनी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजता है। राष्ट्रपति भवन से स्वीकृति मिलते ही राजपत्र में औपचारिक अधिसूचना प्रकाशित की जाती है।
अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित राज्य के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाता है। बिहार के राज्यपाल नए मुख्य न्यायाधीश को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक का समय लगता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालते ही जस्टिस वी. कामेश्वर राव के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां और जिम्मेदारियां होंगी। इनमें सबसे प्रमुख चुनौती राज्य की निचली अदालतों और हाईकोर्ट में मुकदमों के बढ़ते बोझ को कम करना और रिक्त पड़े न्यायिक पदों को भरना होगा। आम जनता को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाना हमेशा से न्यायपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
पटना हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति बिहार की पूरी न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जस्टिस वी. कामेश्वर राव का तीन दशकों से अधिक का विधिक और न्यायिक अनुभव राज्य में कानून के शासन को और मजबूत करेगा। दिल्ली और कर्नाटक हाईकोर्ट में उनके द्वारा किए गए कार्यों का लाभ अब बिहार के कानूनी तंत्र को मिलेगा। कॉलेजियम की इस सिफारिश से पटना हाईकोर्ट में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है, जिससे आम न्यायप्रार्थियों को काफी उम्मीदें हैं।


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